अब इसमें हवा कौन भरेगा.. ?
वाह बहुत बढ़िया बनाया हे बैलून भई शाबाश
अरे यार छोटे, हो सके तो एक मेरे लिए भेज न, बैंकाक से. और नहीं तो फिर आते समय ले आना. मैं दिल्ली से कलेक्ट कर लूंगा...:-)
अरे भाई ये बैलून तो हमारे बेटू जित्ता क्यूट है ! पर इसे लाइन वाली कापी में क्यों बनाया जा रहा है ?
@ अली भाई.. आपने कहा है अब बिना लाइन वाली कापी भी ला देंगे.. :)
बहुत अच्छा लगा जी, लेकिन कुछ रंग भी भर दे ना..
अब तो चादर पर, दीवार पर हर जगह बैलून बैलून बना डालो रंग बिरंगे...मम्मू ने सिखाया है न बनाना!! फ्रिज पर भी.. :)
लगता है काजलकुमार के शिष्य बन गये हो!
jaavan ki shuruaat rang-birange , masti mein foole baloons ke sath..badhia baloons ! I can see a great artist in you.aapki pyari mom ko badhai, itne patience aur affection se appko sikha rahi hain..best wishes !
अब इन्हें फोड़कर दिखाइये ।
मनभावन होने के कारण "सरस पायस" पर हुई "सरस चर्चा ( 3 )" में ख़ुशियों की बारात हो रही! शीर्षक के अंतर्गत इस पोस्ट की चर्चा की गई है!
very good and next time when you arrive Delhi , came and meet me, i will give you a T shirt of Kamla Nagar. plz do inform me about ur arrival
अले वाह, कित्ता शानदार बैलून बनाया आदि ने. अब इसे मिलकर उड़ायेंगे.
बहुत सुन्दर!--इस पोस्ट की चर्चा यहाँ भी की गई है!http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/07/4.html
Bahut achcha laga.tumne jo banaya hai..
गुड है भैय्ये . काले वाले लाल अंकल ने जो कहा वह जरुर करना
July 2, 2010 at 11:46 PM
अब इसमें हवा कौन भरेगा.. ?
July 3, 2010 at 12:20 AM
वाह बहुत बढ़िया बनाया हे बैलून भई शाबाश
July 3, 2010 at 12:50 AM
अरे यार छोटे, हो सके तो एक मेरे लिए भेज न, बैंकाक से. और नहीं तो फिर आते समय ले आना. मैं दिल्ली से कलेक्ट कर लूंगा...:-)
July 3, 2010 at 1:18 AM
अरे भाई ये बैलून तो हमारे बेटू जित्ता क्यूट है ! पर इसे लाइन वाली कापी में क्यों बनाया जा रहा है ?
July 3, 2010 at 1:32 AM
@ अली भाई..
आपने कहा है अब बिना लाइन वाली कापी भी ला देंगे.. :)
July 3, 2010 at 2:33 AM
बहुत अच्छा लगा जी, लेकिन कुछ रंग भी भर दे ना..
July 3, 2010 at 9:31 AM
अब तो चादर पर, दीवार पर हर जगह बैलून बैलून बना डालो रंग बिरंगे...मम्मू ने सिखाया है न बनाना!! फ्रिज पर भी.. :)
July 3, 2010 at 9:31 AM
लगता है काजलकुमार के शिष्य बन गये हो!
July 3, 2010 at 7:03 PM
jaavan ki shuruaat rang-birange , masti mein foole baloons ke sath..
badhia baloons ! I can see a great artist in you.
aapki pyari mom ko badhai, itne patience aur affection se appko sikha rahi hain..
best wishes !
July 3, 2010 at 8:39 PM
अब इन्हें फोड़कर दिखाइये ।
July 4, 2010 at 7:46 AM
मनभावन होने के कारण
"सरस पायस" पर हुई "सरस चर्चा ( 3 )" में
ख़ुशियों की बारात हो रही
!
शीर्षक के अंतर्गत
इस पोस्ट की चर्चा की गई है!
July 4, 2010 at 11:21 PM
very good and next time when you arrive Delhi , came and meet me, i will give you a T shirt of Kamla Nagar. plz do inform me about ur arrival
July 4, 2010 at 11:42 PM
अले वाह, कित्ता शानदार बैलून बनाया आदि ने. अब इसे मिलकर उड़ायेंगे.
July 5, 2010 at 8:15 AM
बहुत सुन्दर!
--
इस पोस्ट की चर्चा यहाँ भी की गई है!
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/07/4.html
July 5, 2010 at 11:12 PM
Bahut achcha laga.tumne jo banaya hai..
July 6, 2010 at 1:16 AM
गुड है भैय्ये . काले वाले लाल अंकल ने जो कहा वह जरुर करना
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