स्कुल जाने के लिए आदि बहुत उत्साहित है... वहाँ के जेबरा पर सवारी कर आया था.. तो उसके लिए एक आकर्षण था... अपना बस्ता टाँगे.. पापा के साथ.. मम्मु को बाय बाय करते आराम से स्कुल पहुँच गया... पापा आदि को स्कुल में छोड़ कब गायब हुए पता ही नहीं चला.. (स्कुल टिचर का मानना है की अगर पेरेंट्स ज्यादा समय तक रुकते है तो बच्चा को माहोल में ढलने में ज्यादा समय लगता है...)
कुछ देर में जैसे ही पापा मम्मी पास नहीं दिखे आदि घबरा गया... बहुत रोया... नया माहोल नए लोग.... खैर मम्मु ११ बजे लेने आ गई.. और आदि बाग कर मम्मु की गोदी में आ गया..... घर का कर थोड़ी देर में सामान्य हुआ..
आज स्कुल का दूसरा दिन है.... अच्छी बात ये की आज सुबह स्कुल जाने के लिए उत्साहित था... आराम से तैयार हो गया... आज मम्मू आदि के साथ स्कुल गई है... वो वहाँ पर ज्यादा देर रुकेगी...
July 6, 2010 at 7:25 PM
बस बच्चू, अब शुरु हो गई है नई कहानी..हमारा बेटा कुछ दिन में सेट हो जायेगा...वेरी गुड ब्यॉय आदि.
जल्दी ही मोहल्ले के बच्चे हमारे आदि से स्कूल जाना सीखेंगे और आदि उनकी रैगिंग लेगा. एक दो दिन ओ आदि के पापा भी रोये थे उस जमाने में. :) दादा जी से पूछना जरा.
July 6, 2010 at 7:27 PM
चप्पल पहन कर क्य़ूँ जा रहा है मेरा आदि? उसे अच्छा वाला जूता दिलवाओ जरा आज ही रंगीन और मुझे फोटो भेजो.
July 6, 2010 at 7:36 PM
समीर भाई..
ये आदि की पसंद वाली चप्पल है.. और पसंद के मामले मे ये साहेब किसी की नहीं सुनते.. स्कुल जाते हुए बोला ये पहनेगा तो हमारे पास आपके दोस्त का आदेश मानने के अलावा कोई चारा नहीं था...
वैसे चप्पल सुविधा जनक रहती है.. बच्चे क्लास में जाते समय जुते चप्पल खोल देते है...ये पहनने और खोलने में आसान है.. आदि खुद मेनेज कर लेता है...
आपके आदेश पर जल्दी ही आदि को रंगीन जूता दिला देगें... कोई ११ वीं या १२ वीं जोड़ी होगी...
July 6, 2010 at 7:53 PM
समीर भाई की 'चपल' टिप्पणी के बाद आगे ...आदि तो ठीक उसके पिता जी का बस्ता इतना भारी क्यों दिख रहा है :)
आदि बेटा वहां बहुत सारे नए नए दोस्त मिलेंगे ! चाहे कोई कितना भी रोके आपको स्कूल जाते रहना है !
July 6, 2010 at 7:56 PM
अली भाई..
राज की बात ये की आदि का बस्ता खाली है.. और बोझ हमारे पास...
July 6, 2010 at 8:10 PM
अरे हीरो स्कुल जाने लगा , बाबु ये तो होना ही था........है न तो रोना वोना बिलकुल नहीं हम हीरो ऐसे ही थोड़े न कहते हैं.......चलो अब इस हीरो की स्कुल में नई नई शरारते देखने को मिलेंगी....
good luck
love ya
July 6, 2010 at 8:21 PM
चलिये अब आप भी पढ़ने लगिये । हम भी बहुत साल पढ़े हैं ।
July 6, 2010 at 8:28 PM
aadi kae uppaar maa saraswati kaa vard hast hamesha rahey yahii meri ichha haen ,
aadi ko is blog kae jariyae janaa aur usko badaa hotey daekhna ek esa ehsaas haen jo byaan nahin kiyaa jaa saktaa
is kae ranjan ko thanks , apnae bachchey koaesa baanta ki wo sabka ho gayaa
aur haa aakhri note sameer kae liyae
tau ji juttaa , chappal ,uniform kaa kahrcha to aap ko uthana chahiyae , shame shame , aap ranjan ko keh rahey haen !!
ranjan
bua kaa jo bantaa ho hamsae lae lae !!
July 6, 2010 at 8:40 PM
आशीर्वाद
जय हिन्द, जय बुन्देलखण्ड
July 6, 2010 at 8:57 PM
बहुत मजे ले लिए अब आएगा आदि किताबों के पहाड के तले !
खैर इस बोझ से घबराने वाला नहीं है हमारा नन्हा ब्लोगर :)
July 6, 2010 at 9:05 PM
अब आया जेब्रा पहाड के नीचे
July 6, 2010 at 9:26 PM
स्कूल में शैतानी मत करना!
July 6, 2010 at 11:54 PM
वाह बेटा बस लगे रहो। आशीर्वाद।
July 7, 2010 at 12:19 AM
happy schooling
best of luck
July 7, 2010 at 12:28 AM
अरे पहली बार ज्यादातर लोग रोते हैं। इसके बाद तो स्कूल वाले रोते हैं या घर वाले।
आदि खूब पढ़ेगा, लिखेगा, नाम कमाएगा।
July 7, 2010 at 1:00 AM
@रचना जी,
धन्यवाद..
आप सभी का प्यार और शुभकामनाएं मिल जाती है.. इससे ज्यादा क्या चाहिए..
बुआ जी का आभार :)
July 7, 2010 at 1:51 AM
आदि हो गया आहत
मम्मी को मिल गई राहत... deendayalsharma.blogspot.com
July 7, 2010 at 1:55 AM
स्कूल ... हा हा अब सब शैतानी गुल ....
July 7, 2010 at 5:47 AM
स्कूल चलें हम।
कौन? आदित्य या रंजन या
आदित्य रंजन।
July 7, 2010 at 6:18 AM
अरे तो वो जूता उसको ताऊ की तरफ से ही दिलाने को कहे हैं..जब रंजन हमसे मिलेंगे तो वैसे भी लम्बा हिसाब किताब हो चला है. एक बैठक में तो खतम भी नहीं होगा. बुआ का हिसाब तो दिल्ली पहुँच कर वो फटाफट कर लेगा. :)
July 7, 2010 at 7:24 AM
शाबाश, कोई बात नहीं कुछ ही दिन में स्कूल बहुत अछा लगने लगेगा
July 7, 2010 at 8:00 AM
अच्छे बच्चे ही तो स्कूल जाते हैं.
July 7, 2010 at 8:23 AM
आपलोगों को बधाई .. आदि बेटे को शुभकामनाएं !!
July 7, 2010 at 8:26 AM
आदि कुछ दिन तंग करेगा, फ़िर इस का मन इतना लगेगा कि आप जब लेने जाओगे तो यह बोलेगा अरे इतनी जल्दी क्यो? लेकिन शुरू सुऋ मै बच्चा थोडा तंग करता है, आप दोनो को बहुत बधाई
July 7, 2010 at 10:08 AM
दो दिन में ही सेट हो जायेगा आदि, और फ़िर स्कूल वाले बेचारे आदि के लिये नया ब्लॉग बनायेंगे, खुसी खुसी :)
July 7, 2010 at 9:03 PM
वाह आदि तुम तो स्कूल भी जाने लगे अब :)
मस्त..अब बस स्कूल इन्जॉय करों और क्या :)
July 8, 2010 at 6:55 AM
Nai class mubarak ho.
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