पहले तो प्लानिंग थी की पापा ऑफिस जाते हुए आदि को स्कुल छोडेंगें और मम्मु आदि को स्कुल से वापस घर लाएगी... पर आदि को कंपनी देने के लिए प्लानिंग बदल दी गई.. अब मम्मु ही आदि को छोडती है और मम्मु ही आदि को स्कुल से घर लाती है...
| स्कुल चलें हम... मम्मु के साथ टुक टुक में... |
| मेरा स्कुल.. |
| मिट्टी में खेलने की हसरत.. जी भर के.. |
और फुल मस्ती इस स्लाइडर पर..
| और पार्क जैसे झूले भी स्कुल में.. |
और ये मेरे नए दोस्त...
अब ये न कहना की इतनी मस्त जगह है तो फिर जाने से रोता क्यूँ हूं?
कल शाम आदि से मिलने काजल अंकल आये थे... आदि ने खुब मस्ती की.. स्टंट किये.. और एन्जॉय किया..
July 14, 2010 at 3:29 AM
वाह! वाह!
मन प्रसन्न हो गया.
July 14, 2010 at 3:41 AM
स्कूल, यानी मौज मस्ती।
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पॉल बाबा की जादुई शक्ति के राज़।
सावधान, आपकी प्रोफाइल आपके कमेंट्स खा रही है।
July 14, 2010 at 4:17 AM
जीवनभर तो पढना ही है आदि .. अभी थोडे दिन मस्ती कर लो !!
July 14, 2010 at 4:57 AM
पढाई और मस्त साथ-साथ..क्यों आदि.
July 14, 2010 at 5:12 AM
bahut majedaar school hai aadi ka ..:)
July 14, 2010 at 5:39 AM
bahut achchhe AADITYA
July 14, 2010 at 5:44 AM
खूब खेलो, खूब पढ़ो...काजल अंकल के साथ क्या मस्ती की??
July 14, 2010 at 6:07 AM
वाह! क्या स्कूल है आदि !
हमें तो तुम्हारी उम्र में पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाते थे मास्टर जी !
July 14, 2010 at 6:22 AM
कित्ता बढ़िया स्कूल है जी ! इसे तो देख के ही मंझा आ गया :)
@ रंजन मोहनोत , भला आपको एडिटर क्यों चाहिये बच्चे का ब्लॉग है बच्चे से वर्तनी की गलतियां हुईं तो क्या :)
July 14, 2010 at 7:22 AM
आदि हमारे यहां इसे किंडर गार्डेन कह्ते है, बहुत अच्छा लगा आदि का स्कुल
July 14, 2010 at 7:29 AM
full fun and frolic in school.
enjoyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyy
July 14, 2010 at 7:57 AM
Ali bhai,
Is blog ki chuninda posts ko ek pustak kaa rup dene ki yojana he. socha ki pustak main galtiyan rahana achcha Nahi lagega...
July 14, 2010 at 8:55 AM
वाह आदि, दोस्ती ढंग से गाठियेगा।
July 14, 2010 at 5:27 PM
गुड़... वेरी गुड़..
मुझे तो मजा आता है आदि के बारे में जानकार.
मैं तो उसकी एक-एक हरकत का दीवाना होता जा रहा हूं भाई.
सच कहूं तो असली ब्लाग तो मुझे आपका ही लगता है.
July 14, 2010 at 7:11 PM
वाह..क्या स्कूल है आदि का...काश हमारा भी स्कूल वैसा ही होता ;)
ऐसे ही मस्त रहो:)
July 14, 2010 at 7:36 PM
खूब मजे है आदी के..
(Facebook)
July 14, 2010 at 9:24 PM
एक बेहद उम्दा पोस्ट के लिए आपको बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएं !
आपकी चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है यहां भी आएं
July 15, 2010 at 12:22 AM
इसे देखकर तो कानपुर का अपना कंगारू-किड्स स्कूल याद आ गया.
July 15, 2010 at 1:04 AM
waaaaoooo
वह भई आदि, तुम्हें तो जैसा photos में देखा था उससे भी कहीं बढ़िया पाया...कल तक तो मुझे पता ही नहीं था कि इडली से कैसे मून और अम्ब्रेला बनाए जा सकते हैं :-))
.... थाईलैंड को फूलों और मुस्कुराहटों का देश बनाए रखने में शायद तुम्हारी सी ही प्रवृत्तियों का योगदान रहता आया है. ढेर सारा आशीर्वाद.
July 15, 2010 at 2:35 AM
http://shahroz-ka-rachna-sansaar.blogspot.com/2010/06/blog-post.html
July 15, 2010 at 3:23 AM
मेरी बेटी इस वर्ष नर्सरी में गई है आदि कि ये फोटो देख कर उसे और मुझे भी उसके प्लेग्रुप कि याद आ गई जब हमारे बच्चे दो घंटे स्कुल में बिताते थे और सारी मम्मिया बाहर बैठ कर गप्पे मारा करते थे दोनों के मौज थे |
July 15, 2010 at 5:46 AM
बहुत-बहुत बधाई!
आपकी चर्चा तो यहाँ भी है-
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/07/2010.html
July 15, 2010 at 7:36 AM
आदि ....अभी मेरी छुट्टिया चल रही है पर तुम्हारी स्कूल कि मस्ती देखकर लग रहा है बस आ जाऊ वह पर......
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