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ये देखो मैंने क्या बनाया....

फनेरियम गया था... और वहाँ बनाया ये झंडा...




है न मस्तकलंदर.....
10 comments:

Comments

अरे वाह मेरे कलाकार!! जिओ!!


ये झंडा मुझे दे दे बचुवा !


फनेरियम?
यह क्या बला है भाई?


वाह अदि कलाकार बन गया? आशीर्वाद।


जो कुछ तुमने बनाया है उसके लिए मैं तुम्हारे पापा से सिफारिश करूंगा कि वह तुमको मेरी तरफ से चाकलेट लाकर दे।
यदि मैं तुम्हारे घर के आसपास होता तो चाकलेट पहुंच चुकी होती।
शाबाश। वेरी गुड़।


@ राजकुमार जी.... वैसे तो आदि जब भी हमारे साथ बाजार जाता है.. अपनी शोपिंग (लेलिपोप) खुद ही लेता है.. पर आज मैं आदि को खुद एक चाकलेट ला कर दूंगा..

थैंक्स..


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