गत शनिवार को हम एक पार्टी में गए.... वहाँ बहुत सारे बच्चे आये... सब मुझसे बड़े... हम सब खेल रहे थे...सब भाग रहे थे.. तेज तेज... मैं भी उनके पीछे भागा... पुरी ताकत से... पर ये क्या... मैं धड़ाम... गिर गया.... मुहँ के बल गिरा.... मम्मु बाबा उठाते तब तक तो मुहँ से खून बहने लगा.... मम्मु ने जल्दी से मुझे बर्फ खिलाई.. थोड़ी चीनी खाने को दी... पता चला उपरी होठ पर एक बड़ा जख्म हुआ है... थोड़ी देर मम्मी की गोद में चिपका रहा... फिर ठीक हो गया....
ये देखो... होठ पर चोट लगी है....
ये मुस्कान अगले दिन की है....
अब तो चोट बिलकुल ठीक हो गई है... और इस शनिवार को हम घूमने जा रहे है... बेंग चवाक (Bueng Chawak)और सामचुक मार्केट (Samchuk Market)... वहाँ पर क्या है....ये तो आने पर ही बता पाऊँगा....
June 10, 2010 at 7:42 PM
ओह ! ख़ैर कोई बात नहीं ...
गिरते हैं शहसवार ही मैदाने जंग में,
वे क्या खाक गिरेंगे जो घुटनों के बल चलें.
जल्दी ठीक हो जाएगी ये चोट भी और फिर बच्चों को एसी छोटी-मोटी चोटें तो लगती ही रहती हैं :)
June 10, 2010 at 7:59 PM
अरे मेरे बच्चे को चोट लग गई...ओह्ह! खूब दुखा होगा न!! देख कर खेला करो बेटा...चलो, अच्छा है ठीक हो गये...अब आ कर घूम कर फोटो दिखाना खूब हँसते हुए..
June 10, 2010 at 7:59 PM
अरे आदि तो0 चोट मे भी मुस्कुरा रहा है? वाह मेरे शेर । वैसे बच्चे चोट खा कर ही बडे होते हैं और चोट से बहुत कुछ सीखते हैं जल्दी से ठीक हो जाओ आशीर्वाद्
June 10, 2010 at 8:38 PM
अरे, कुछ नहीं, चींटी मर गयी । आदित्य तो स्ट्रांग है ।
June 10, 2010 at 9:04 PM
ओह ऎसी छोटी मोटी चोट तो लहती रहती है .कोई बात नही बहादुर
June 10, 2010 at 11:54 PM
अरे आदि को चोट लग गयी...चलो ठीक तो हो गए न...बस काफी है...अच्छे से घूम के आओ और फिर हमें फोटू दिखाना :)
June 11, 2010 at 12:07 AM
अरे ये हीरो तो शेर है ना........
love ya
June 11, 2010 at 1:03 AM
ये तो गड़बड़ बात है ! जहां तुम गिरे उस 'जगह' की पिटाई पापा जी ने की थी ना ?
June 11, 2010 at 1:03 AM
ये तो गड़बड़ बात है ! जहां तुम गिरे उस 'जगह' की पिटाई पापा जी ने की थी ना ?
June 11, 2010 at 9:55 AM
बचपन में ऐसी चोटें न लगे तो बचपन कहेगा ? बहादुर बच्चे इनकी परवाह नहीं करते !
ये चोटें ही तो स्ट्रोंग बनाती है !
June 11, 2010 at 10:46 PM
Thokar hi admi ko age bdne ki preda deti hai |Chahe vah bachapan ho chahe jvani ho ya prouda avstha |thokar se chot lagna to vagib hai par ye chote alag alag time par alag alag tarah se bharti hai|
June 12, 2010 at 10:36 AM
Aadi is cool as always.....new blog design is cool too.......
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