पता है ऊ छुक छुक बनाना बहुत आसान है.. कोई भी दो या दो से ज्यादा चीजों को लाइन में लगा दो और बन गई ऊ छुक छुक...
कल मैंने मम्मी के साथ क्रेयोन से छोटे छोटे खिलोने बना कर उनकी ऊ छुक छुक बना दी....
आदि कि बातेंस्वीमिंग पूल में...
आदि - बाबा के लिए बड़ी बड़ी सुन्दर सुन्दर जैकेट (लाईफ जैकेट) लाएगा..
बाबा - कौन लाएगा?
आदि - एक मम्मु और एक आदि....
आदि कि मीठी मीठी बातें आनन्दित कर देती है...
June 7, 2010 at 9:03 PM
अरे वाह हीरो की छुक छुक तो बहुत प्यारी हाई मुझे भी लेनी है यही वाली ,,,
love ya
June 7, 2010 at 9:06 PM
आदि की छुक छुक ट्रेन चली.....
love ya
June 7, 2010 at 9:25 PM
वाह .. बढिया !!
June 8, 2010 at 5:14 AM
हम तो फोटो देख कर समझ ही नहीं पाये थे कि ये आदि की छुक छुक है...:)
June 8, 2010 at 5:48 AM
वाह ...अब हम भी इसकी नक़ल करके एक छुकछुक बनायेंगे :)
June 8, 2010 at 5:48 AM
वाह ...अब हम भी इसकी नक़ल करके एक छुकछुक बनायेंगे :)
June 8, 2010 at 6:22 AM
बहुत दिनों बाद आया तो देखा हमारा आदि बहुत बड़ा हो गया है और बहुत समझदार भी...क्या बढ़िया छुक छूक रेल बने है...शाबाश यूँ ही बढ़ते रहो...
नीरज
June 8, 2010 at 7:42 PM
और इस छुक-छुक का नाम मेहरानगढ़ एक्सप्रेस :)
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