अगर दिल्ली में होते तो अब तक आदि जरुर कोई न कोई प्ले ग्रुप ज्वाइन कर चुका होता....पर बैंकोक में आने से ये मामला लटक गया... अप्रेल में एक दो स्कुल देखे.. काफी अच्छे थे.. पर काफी महंगे थे.. काफी महगें मतलब सोच से परे.. चूँकि अभी बैंकोक में केवल सितम्बर तक रुकना तय है.. इसलिए वो इरादा बदल दिया.. कुछ और स्कूलों के बारे में सूना.. पर देख नहीं पाए.. यहाँ के राजनितिक हालत ठीक नहीं थे.. तो कार्यक्रम फिर स्थगित हो गया... अब एक प्लेग्रुप देखा है.. अच्छा है.. घर के पास में ही है.. और बहुत रचनात्मक है.. वैसे तो आदि को प्ले ग्रुप की जरुरत नहीं है.. पर यहाँ उसके हमउम्र बच्चे ज्यादा नहीं है.. तो वो ज्यादा सोस्लाईज नहीं हो पा रहा.. सोच रहे है अगर ३-४ घंटे स्कुल जाएगा तो कुछ दोस्त बनाएगा.. मम्मी पापा के अलावा भी लोगों से मिलेगा... कुछ नया सीखेगा.. और स्कुल में दूसरे बच्चों को भी कुछ सिखा कर आएगा... :)
१ जुलाई को टीचर से मिलना है.. आदि को लेकर... और सब ठीक रहा तो ६ जुलाई से आदि स्कुल जाएगा....
स्कुल की बात सुन कर आदि भी बहुत खुश है.... और हम तो है ही...
June 27, 2010 at 9:46 PM
वाह आदि, अब तो स्कूल की तैयारी...खूब मजे करना.
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'पाखी की दुनिया' में 'कीचड़ फेंकने वाले ज्वालामुखी' जरुर देखें !
June 28, 2010 at 1:53 AM
अबे आदि यार छोड इस प्ले ग्रुप को, ऎसा कर तु मुझे, समीर अकंल को ओर ताऊ को बुला ले, हम भी तेरे जेसे ही बन जायेगे, ताऊ से नयी नयी ठगी की बाते सीखना, समीर अकंल से कवितये सीख लेना, ओर मेरे साथ खुब खेलना
June 28, 2010 at 2:26 AM
अब स्कूल की बातें ब्लॉग से बताईये आदि गुरु ।
June 28, 2010 at 2:44 AM
वाह बेटा, अभी तक तो स्वीमिंग कर रहे थे और अब स्कूल जाने की तैयारी. बढ़िया है बढ़िया है. स्कूल जाना और खूब मन लगा कर पढना. बहुत बहुत शुभकामनाये.
June 28, 2010 at 3:14 AM
best of luck
June 28, 2010 at 3:56 AM
अरे वाह .. अब तो प्रतिदिन आदि के सकूल की बातें भी सुनने को मिलेगी !!
June 28, 2010 at 5:53 AM
तो अब स्कूल की बातें ब्लॉग पर और ब्लॉग की बातें स्कूल में :)
June 28, 2010 at 6:39 AM
अरे वाह भाई हमारा आदि बड़ा हो गया स्कूल जायेगा ! हमें बहुत अच्छा लग रहा है जानकर !
June 28, 2010 at 7:02 AM
तो अब खेलने के दिन गये? बेता अब पता चलेगा जब भारी बस्ता उठाना पडेगा। मगर हमारा आदि बहुत होशियार है। आशीर्वाद बहुत नाम कमाओ।
June 28, 2010 at 7:43 AM
बेटा हलके हलके फ़स रहे हो और तुम हस रहे हो .
हमारे जमाने मे शायद ही ऎसा कोई बच्चा हो जो बिना रोये स्कूल गया हो और आज शायद ही कोइ ऎसा बच्चा हो जो रोके स्कूल जा रहा हो
June 28, 2010 at 11:45 PM
Good Luck Adi, Have an enjoyable time at school and do tell us the stories of your school
June 29, 2010 at 12:12 AM
सुन्दर लेखन।
June 30, 2010 at 8:59 PM
best of luck
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