आजकल स्वीमिंग काफी रेगुलर है.. थोड़ी बहुत सीख भी गया हूं.. पानी से दोस्ती हो गई और पूल से प्यार... अब आजाद मछली जैसे पूल के एक कोने से दूसरे कोने में.. छोटे पूल से बड़े पूल में तैरता हूं.. स्वीमिंग शुरू हुई थी कन्याकुमारी में.. बाबा हाथ पकड़ कर पानी में घुमाते थे.. मैं बाबा का हाथ पकडता था या बाबा मेरा... डर मुझे लगता था या बाबा को...पता नहीं... बैंकोक आने पर पहले दिन भी ये ही हाल था.... मेरे लिए एक ट्यूब आया था पर मुझे ट्यूब कम पसंद था... बाबा हाथ पकड़ कर छोटे पूल में घुमाते थे.. फिर एक दिन मेरा जैकेट आया.. फिर क्या था.. पहले दिन हाथ छुटा.. और अगले दिन पूल.. मतलब छोटे पूल से बड़े पूल में... और अब तो.. अब क्या.. फोटो नहीं देखोगे?
| हमारा पूल.. डोल्फिन वाला... ऐसे दिखता है हमारी बालकानी से... |
| चलें पूल में... |
| ये गया... |
| Add caption |
| चलते है पूल के बीच में.. |
| ये लो आ गया.. |
| आप भी आ जाओ... |
| आ चल डूब के देखें... |
June 23, 2010 at 9:30 PM
वाह क्या बात है मुझे तो तुम भी नन्ही खूबसूरत डालफिन लग रहे हो :)
June 23, 2010 at 9:48 PM
उस्ताद बनते जा रहे हो.. मुझे कब सिखाओगे? :)
June 23, 2010 at 10:29 PM
बढ़िया है आदि. मैं भी यहाँ समुद्र में स्विमिंग का मजा लेते रहती हूँ.
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'पाखी की दुनिया' में 'पाखी का लैपटॉप' जरुर देखने आयें !!
June 23, 2010 at 11:26 PM
bahut achhe.
June 24, 2010 at 1:20 AM
शाबास, अगले ब्लॉग में अब फ्लोटर उतार के प्रयास करना ।
June 24, 2010 at 2:24 AM
adi sae jalan ho rahee haen
dilli mae garmi haen aur adi masti kar rahaa haen
June 24, 2010 at 2:47 AM
हमें भी तैरने दो, तो मैं भी आ जाऊँ।
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क्या आप बता सकते हैं कि इंसान और साँप में कौन ज़्यादा ज़हरीला होता है?
अगर हाँ, तो फिर चले आइए रहस्य और रोमाँच से भरी एक नवीन दुनिया में आपका स्वागत है।
June 24, 2010 at 2:57 AM
शाबास ! लगे रहो आदि ,
बड़ा होकर माइकल फेल्प्स और इयान थोर्पे का रिकॉर्ड तोड़ देना
June 24, 2010 at 5:03 AM
हमको तो नहीं आता तैरना....सिखाओ कभी हमको भी :)
June 24, 2010 at 5:52 AM
धमने तो अपने गाँव के छोटे से तालाब मे सीखी थी । क्या तुम ने कभी तालाब देखा है? बहुत सुन्दर तस्वीरें लगे रहो। आशीर्वाद।
June 24, 2010 at 7:44 AM
बाह बेटा!
तैरने का आनन्द ही कुछ और है!
June 24, 2010 at 11:09 AM
बहुत सुंदर बेटे कुछ दिनो बाद वायू पर बांध कर तेरना ओर फ़िर अपने आप तेरना आ जायेगा, बहुत सा प्यार बेटे
June 25, 2010 at 6:23 AM
वाह ! क्या बात है :)
June 25, 2010 at 7:38 AM
वाह बहुत सुंदर.
June 25, 2010 at 9:19 AM
कितना रिस्क २ साल का बच्चा पापा का प्यारा |
बड़े हो के तैर लेना समुन्द्र पड़ा है सारा तुम्हारा ||
June 25, 2010 at 11:42 AM
आदी हमें भी तुम छोटी सी डोल्फ़िन लग रहे हो, क्यूट्…॥लगे रहो
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