ये मेरा अभम है.. इसका नाम 'अभम' क्यों है.. कोई नहीं जानता.. केवल मैं ही जानता हूँ.. जब से मम्मी इसे मुंबई से लाई है.. मैंने इसका नाम अभम रख दिया.. और तब से सभी इसे अभम ही कहते है.....
ये मेरे पसंदीदा खिलौना में से एक है.. और दिसंबर में इसके आने के कुछ ही दिनों में मुझे सारे लेटरस की पहचान हो गई.. मेरे लिए 'A' एरो है..'B' बटरफ्लाई है... और 'C' कॉम्ब है...और इनको मैं इसी नाम से जानता हूँ... पुरे 'Z' तक...
और इसका फायदा ये हुआ की अब मैं साइन बोर्ड पढ़ सकता हूँ..... जैसे ये हुआ...
बटरफ्लाई.
एरो
नेस्ट
एरो
नेस्ट..
एरो..
है न आपका दोस्त पढ़ा लिखा?
May 22, 2010 at 6:01 PM
किसका कौन सा दोस्त आदि, जो पढ़ा लिखा है??
:)
हमारा तो बबुआ हमें पढ़ा लिखा लग रहा है.
May 22, 2010 at 6:25 PM
वाह भई तुम्हारा अभम तो वाक़ई बमम है ... अब पढ़ने-लिखने के दिन आए जानो :)
May 22, 2010 at 6:34 PM
कभी मम्मी 'कॉम्ब' लाने को कहे तो 'C' मत उठा लाना :)
May 24, 2010 at 11:49 AM
अबे आदि यार तु तो अग्रेज बन गया.... जेंटल मेन जेंटल मेन जेंटल.... आदि बाबू जेंटल मेन... लंडन से आया है बन ठन के...:)
May 25, 2010 at 5:01 PM
एक अभम हमारे लिए भी मांगा दो, हम भी कुछ पढ़-लिख लें!
May 31, 2010 at 8:56 PM
बहुत प्यारी प्यारी तस्वीरें हैं आदि.
अब तो आप साइन बोर्ड पढ़ने लगे :) ..अभम ने इत्ती जल्दी सिखा दिया या आदि ने जल्दी सीख लिया..!
keep it up!
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