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| बेलून और जंप(*) |
वैसे ९० सेमी से कम होना का फ़ायदा मैंने बहुत लिया है... दिल्ली और बैंकोक मेट्रो में मुफ्त सवारी भी की है.. पर इस बार २ सेमी कम होना मुझे बहुत अखरा.. हुआ यूँ की हम २ मई को जन्मदिन मनाने के लिए टेस्को माल गए... यहाँ पर खेलने के लिए बहुत बड़ा एरिया है.. और इसमें मेरी पसंद की दो चीजे एक साथ है.. "जंप जंप" और बेलून" मैं जाते ही वहाँ खेलने के लिए मचलने लगा पर.... वहाँ अंकल ने मुझे नहीं जाने दिया क्यूंकि मैं ९० सेमी से छोटा हूँ... देखिये अगर में इसमें जाता तो कितने मजे करता?
लेकिन ये तो हो न सका.. कोई बात नहीं कुछ और किया.. क्या किया ये बताने से पहले ये बताते है कैसे किया.. तो इस बार हमने जन्मदिन दो बार मनाया १ मई को सबके साथ.. पार्टी करके और दो मई को "आदि स्पेशल..." मतलब पूरा दिन आदि के लिए.. दिन में साईकल चलाना सीखा.. न्यू न्यू गेम्स से खेला.. और शाम को पहले इन अंकल के पास गया...
और फिर हम गए 'टेस्को" में.. और वहाँ पहले कार चलाई....
और फिर व्याईट व्याईट घोड़े पर बैठा...
और फिर टुक टुक में.. मम्मु भी चलेगी...
और एक एक कर सारे झूले झूले...
फिर वहाँ एक डोगी आया.. आदि उससे भी मिला.. टच किया...
और फिर स्टेज पर खूब जंप जंप किया...
और फिर शोपिंग कर के आदि घर आ गया!!
आज रात को मस्ती करने फुकेत जा रहा हूँ.. तैयार रहीये वहाँ की शरारते पढने के लिए.. बाय!!
*फोटो : http://webcache.googleusercontent.com/search q=cache:http://inspiredmumof2.blogspot.com/2008_02_10_archive.html

May 6, 2010 at 6:01 PM
वाह ! इतनी सारी मस्ती !!
खूब मजे लो अभी दिन है मस्ताने के , फिर तो स्कुल की किताबों तले दब जाएगी मस्ती !
May 6, 2010 at 6:18 PM
ये हुई न बातें मस्ती वाली...हो कर आओ फुकेत से..फिर किस्से सुनाना..बैठा हूँ इन्तजार में.
May 6, 2010 at 7:15 PM
अरे वा ! इत्ती मस्ती, कर लो सारी शैतानियाँ अभी तो पापा मम्मी कुछ नहीं कहेंगे, थोड़ा और बड़े हो जाओगे तो डपट देंगे।
और मस्तियों और शैतानियों का इंतजार है ।
May 6, 2010 at 8:20 PM
ये हुई ना बात आदि.. मम्मू की हील वाली सेडिल पहन लेते तो हो जाते ना ऊंचे.. कोई बात नहीं अगली बार ख्याल रखना..
फुकैत घूम के आओ.. फिर मिलते है..
May 6, 2010 at 11:34 PM
खूब मस्ती..बढ़िया है..यही तो समय है धमाल करने का. जन्मदिन की बधाई.
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'पाखी की दुनिया' में देखें जब पाखी बनी खरगोश !!
May 7, 2010 at 12:51 AM
जल्दी ९० सेमी पार करने का भी दिन आये प्यारे!
May 7, 2010 at 5:50 AM
वैसे ९० सेमी से कम का फ़ायदा तुमहारे बाबा को होता है और तुम्हे नुक्सान .कोई बात नही दिन आयेगे मस्ती के
May 7, 2010 at 7:57 AM
अरे अरे यार बहुत मस्ती की आप ने, ओर फ़ोटो भी मस्ती भरे लगे, अबे थोडॆ पंजो के बल चलते काम हो जाता यार, जुगाड सीख लो ताऊ से, चलो फ़ुकेत मै मिलते है........
May 9, 2010 at 11:17 AM
आज तो ऐसा लग रहा है,
जैसे -- किसी परीलोक की सैर कर ली!
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मन हुआ कि आदि के बराबर का हो जाऊँ
और इसी तरह ख़ूब मस्ती करूँ!
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सबसे प्यारा लगता है : अपनी माँ का मुखड़ा!
May 11, 2010 at 7:46 PM
wow ...you r having lots of fun :)
May 11, 2010 at 8:31 PM
अरे वाह!!! इतनी मस्ती कर रहा ये हीरो तो......बहुत सुन्दर
love ya
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