मस्ती और धमाल भरी होली चली गई.. और पीछे रह गई कुछ यादें....
इस बार होली को सबसे बड़ा सरप्राइज मिला दादा दादी से.. दादा दादी अचानक कार्यक्रम बना मेरे साथ होली खेलने आ गए.. नानी भी दिल्ली आई हुई थी.. पर वो होली से एक दिन पहले जोधपुर चली गई.. अब बात होली की...
कैसी रही आपकी होली...
| ये है रिया दीदी और अर्जुन भैया.. दीदी ने एक दिन पहले ही होली खेलनी शुरू कर दी... |
| मुझे भी रंग लगाने से कोई परहेज नहीं था... |
| होली की शुरुआत की दादा ने.. मुझे रंगीन कर दिया.. |
| ये है मेरे रंग.. |
| दादा के बाद बारी मेरी थी रंग लगाने की.. |
| दादा भी खुश हो कर रंग दे रहे थे... |
| ONCE MORE |
| अब बारी बाबा की... |
| दादी को भी.. |
| मम्मु भी.. |
| अच्छे से.. |
| मंझा आया... |
| ये मेरी हालत की मेरे दोस्तों ने.. |
| ये यहाँ.. |
| पूरी टोली... |
| होली खेलते खेलते झूले पर नजर पड़ी.. तो थोड़ा मजा इसका भी.. |
| और इसके बाद नंबर आया किकी (विक्की) चाचा का... |
| और थोड़ा कलर अंकल को भी.. |
| हैप्पी होली... |
March 5, 2010 at 6:34 PM
अरे वाह!! आदि ने तो खूब होली खेली...हमें तो किसी ने रंगा ही नहीं..बहूहू... :(
चलो, अच्छा है कम से कम आदि ने हमारी कसर पूरी कर दी...
March 5, 2010 at 7:03 PM
देखा कितना मजा है हमारे त्योहारों में ! कितने रंग बिखरे है हमारे त्योहारों में !
March 5, 2010 at 8:41 PM
वाह भाई आदि मजा आगया आपकी होली रिपोर्ट पढकर. होली की रामराम.
रामराम.
March 5, 2010 at 11:35 PM
अरे वाह भाई ये तो बड़ी जोरदार होली रही ! इस मामले में हमारी हालत भी उड़न तश्तरी अंकल जैसी है बूहूहू ...
March 5, 2010 at 11:42 PM
waah aadi.. holi manali.. wo bhi sabke sath.. par hum to bach gaye..
March 6, 2010 at 1:25 AM
बहुत सुंदर!
बिल्कुल होली के दीवाने लग रहे हो!
March 6, 2010 at 9:38 AM
बहुत सुन्दर आदि.............. लगे रहो.......
वैसे भी अब त्यौहार तुम बच्चों के लिए ही बचे हैं...........
शुभाशीष......
March 6, 2010 at 10:06 AM
बहुत सुंदर लगी भाई हमारे आदि की होली, मजेदार ओर फ़िर दादा के संग तो ओर भी अच्छी लगी, सभी चित्र भी बहुत सुंदर लगे, बहुत बहुत प्यार
March 6, 2010 at 6:51 PM
अरे पल्टू,
होली तो हमने भी खेली थी, लेकिन पापा की गोदी मे चढकर नही.
March 7, 2010 at 4:13 AM
wah aadi bhaiya... maza aa gaya aapki holi dekh ke... humein laga hum ne bhi holi kheli... yahan dubai mein to naam matr ke holi bhi nahi hoti...
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