इस स्टंट के बाद झूले पर थोड़ी सख्ती हो गई है...
नये वाक्य
कल शाम बाबा के साथ बाजार जा रहा था.. बाबा ने पूछा.. "आदि कहाँ जा रहें है" जबाब मिला..."बेलून लेने जा रहें है"...
वापसी में बाबा ने गाना सुनाया... "लकड़ी की काठी... " और जब इस गाने में "तबडिक तबडिक" आया तो मैं बोला.. "बीनू दादी ऐसे करती है"
March 7, 2010 at 6:22 PM
अच्छा हुआ झूला छुड़ा लिया...गिरोगे तड़ाक से तो भूल जाओगे बेलून लाना. :)
अब तो बहुत बोलना सीख लिया है हमारे आदि ने..
March 7, 2010 at 6:53 PM
आदि बेटा
स्टंट करना ठीक नहीं है अच्छे बच्चे बनों !
March 7, 2010 at 7:01 PM
ओये हीरो लगता है अक्षय कुमार की फिल्मे ज्यादा देखने लगे हो आजकल हाँ हा हा हा हा ...
love ya
March 7, 2010 at 8:05 PM
चलो अब ये भी अच्छा हुआ कि घर मे ही अब एक स्टंट मास्टर बःइ होगया. अब अपन तो स्टंट फ़िल्म ही बनायेंगे.
रामराम.
March 7, 2010 at 8:54 PM
वाह ! सम्हाल कर !
बातें खूब करने लगो हो प्यारे !
March 7, 2010 at 10:53 PM
aadi kitna bada ho gaya hai, bahut dena baad dekha hai na or cute bhi kitna ho gaya hai
March 8, 2010 at 2:19 AM
अबे हीरो बहुत बेलेंस बना कर रखा, ओर अगर गिर पडता तो....अब यह झुला अपने भाई या बहिन के लिये संभाल कर रख ले, तु इस झुले से बडा हो गया है हीरो
March 8, 2010 at 3:43 AM
लगे रहो, लगे रहो!
कभी तो काम आएगा!
March 8, 2010 at 8:28 AM
बहुत बढ़िया झूला!
नारी-दिवस पर मातृ-शक्ति को नमन!
March 12, 2010 at 3:26 AM
Nice Stunt..majedar !!
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"पाखी की दुनिया" में देखिये "आपका बचा खाना किसी बच्चे की जिंदगी है".
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