19 जनवरी को सुबह सुबह हम कन्याकुमारी चले गए.. सनराइज देखने.. अपना केमरा भूल कर..:( तो बस दो ही फोटो लिए.. विवेकानंद रॉक मेमोरियल और संत तिरुवल्लुवर के पीछे सूर्योदय की प्यारी छठा..
(स्नेहल चाचा, मम्मी, पापा, आदि, दीपक चाचा)
पापा कहते है की कन्याकुमारी दिन में तीन बार जाना चाहिए.. सुबह सूर्योदय के लिए.. रात में समुद्र देखने और दिन में विवेकानंद रॉक मेमोरियल...
रात में समुद्र का प्यारा नजारा देखने हम 20 जनवरी को फिर वहा चले गए.. वहाँ रेत में खेलने और भागने का अलग ही मजा था...
पता है.. बीच पर घुडसवारी भी कर सकते है... और मेरा बहुत मन था घोड़े पर बैठने का.. पर हम पहुंचे तब तक घोड़ा जा चुका था.. घुडसवारी का किस्सा अगली पोस्ट में....
Happy Valentine Day!!
February 13, 2010 at 6:14 PM
मुस्कान मिली गारंटी से.........
February 13, 2010 at 6:15 PM
शानदार जम रहे हो जिन्स पहन कर मेरे बबुआ..वाह!!
हम तो पूरा दिन विवेकानन्द रॉक्स पर ही रहे इतना पसंद आया वहाँ का मेडीटेशन रुम!
February 13, 2010 at 7:12 PM
अरे कन्याकुमारी तो हो आया. भारत के सबसे दक्षिणी सिरे पर भी गया था क्या? अण्डमान निकोबार मे.
चलो, फ़िर कभी चले जाना. इसके बाद तुझे सबसे उत्तरी सिरे पर भी भेजेंगे, लद्दाख मे.
जायेगा ना?
February 13, 2010 at 7:40 PM
वाह बेटा बहुत सैर करने लगे हो। खुश रहो बहुत बहुत आशीर्वाद
February 13, 2010 at 7:44 PM
आदि, जींस पहन कर तो तू परफ़ेक्ट सलमान खान लग रिया है. आगे की सुना अब.
रामराम.
February 13, 2010 at 7:53 PM
देखा चूक गए ना उड़नतश्तरी अंकल...जींस अकेली कहां ? शर्ट भी तो कित्ती सुन्दर है !
buzz
February 13, 2010 at 9:03 PM
हमें तो जींस वाली फोटो बढ़िया लगी ! जम रहे हो !
February 13, 2010 at 9:17 PM
बहुत सुन्दर!
प्रेम दिवस की हार्दिक बधाई!
February 14, 2010 at 12:47 AM
आदि यार तु तो हम सब से तेज निकला है, सारा भारत घुम रहा है, बेटा कोई बात नही जब तेरे से पता चलता है कि यहां यहां यह देखने का है तो हम भी घुम आयेगे, तेरे अनुभव से, बहुत सुंदर लग रहा है बेटा, राम राम
February 14, 2010 at 1:00 AM
वाह !
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