आदि को नयी शर्ट ,नयी साईकिल भला कैसे मिली अब हम जान गये हैं !
बहुत सही आदि. रामराम.
इस दम में नई साईकिल भी झटक ली..वाह, बहुत गुरु होते जा रहे हो आदि. कल भाटिया दादा जी से क्या क्या पढ़ाई सीखी किताब में से?
आदि ---- सारी बहुत दिन बाद मिली हूँ तुम से कैसे हो? अरे तुम तो पूरे दार्श्निक बन गये हो लोगों को इतने बडे बडे मंत्र देने लगे जीओ बेटा आशीर्वाद
सही, गुरुजी! अपने को खुश करने के लिये अभी रसोई में रखा रसगुल्ला खाता हूं! तभी तो सब खुश होंगे! :)
हमेशा नए नए गिफ्ट मिलते रहे तो उससे बढ़कर खुश रहने का मन्त्र भला और क्या हो सकता ?
नई शर्ट में तो बहुत जँच रहे हो!
अरे, आदि.आ गये घूम कर?
हम्म..आदित्य अभी उम्र दर्शनशास्त्र की नहीं है..मस्त रहा करो..ढेर सारा प्यार
हम तो आपको देखकर खुश हो लिए.. और मुझे देख बाकी सब.. :)
सत्य वचन आदि...जब तुम खुश नहीं तो भला और कौन और कैसे खुश रह सकता है...तुमसे ही तो हम सब की ख़ुशी जुडी है...नीरज
February 6, 2010 at 5:48 PM
आदि को नयी शर्ट ,नयी साईकिल भला कैसे मिली अब हम जान गये हैं !
February 6, 2010 at 7:35 PM
बहुत सही आदि.
रामराम.
February 6, 2010 at 7:47 PM
इस दम में नई साईकिल भी झटक ली..वाह, बहुत गुरु होते जा रहे हो आदि. कल भाटिया दादा जी से क्या क्या पढ़ाई सीखी किताब में से?
February 6, 2010 at 8:18 PM
आदि ---- सारी बहुत दिन बाद मिली हूँ तुम से कैसे हो? अरे तुम तो पूरे दार्श्निक बन गये हो लोगों को इतने बडे बडे मंत्र देने लगे जीओ बेटा आशीर्वाद
February 6, 2010 at 8:37 PM
सही, गुरुजी! अपने को खुश करने के लिये अभी रसोई में रखा रसगुल्ला खाता हूं! तभी तो सब खुश होंगे! :)
February 6, 2010 at 8:50 PM
हमेशा नए नए गिफ्ट मिलते रहे तो उससे बढ़कर खुश रहने का मन्त्र भला और क्या हो सकता ?
February 7, 2010 at 3:06 AM
नई शर्ट में तो बहुत जँच रहे हो!
February 7, 2010 at 4:17 AM
अरे, आदि.
आ गये घूम कर?
February 7, 2010 at 5:15 AM
हम्म..आदित्य अभी उम्र दर्शनशास्त्र की नहीं है..मस्त रहा करो..ढेर सारा प्यार
February 7, 2010 at 8:00 PM
हम तो आपको देखकर खुश हो लिए.. और मुझे देख बाकी सब.. :)
February 9, 2010 at 11:14 PM
सत्य वचन आदि...जब तुम खुश नहीं तो भला और कौन और कैसे खुश रह सकता है...तुमसे ही तो हम सब की ख़ुशी जुडी है...
नीरज
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