जचेबिल पर्सनाल्टी है अपने आदि की .
सैर करना और नये-नये स्थानों के बारे में जानना ही तो जीवन है!बहुत आशीष!
अले, चप्पल पहन कर फिस?? जूता तो पहन लेते मेरे राजा बाबू!! :)लेकिन लग रहे हो फिर भी स्मार्टी...ऑफिस में सबने खिलाया कि नहीं?
जच रहे हो प्यारेलाल.रामराम.
एक दम स्मार्टी
smart boy..
अबे यह बन ठन के किधर को बाबा... आज तो बहुत शरीफ़ लग रहे हो, क्या चित्र किसी ओर ने खींचा है क्या
बोले तो हीरो लग रहा है, आदि...सुन्दर! बहुत सुन्दर!
chota baccha bhut pyara lag raha hai...
आदि बेटा आज दो बातें हुई एक तो तुम संधि करना सीख गये ( बाबा +आफिस =बाबाफिस) जो अच्छे अच्छे नहीं कर पाते दूसरे यह भी देख लिया कि बड़े होकर इतने छोटे से आफिस में काम चलेगा की नहीं :)buzz
February 18, 2010 at 5:43 PM
जचेबिल पर्सनाल्टी है अपने आदि की .
February 18, 2010 at 5:44 PM
सैर करना और नये-नये स्थानों के बारे में जानना ही तो जीवन है!
बहुत आशीष!
February 18, 2010 at 5:56 PM
अले, चप्पल पहन कर फिस?? जूता तो पहन लेते मेरे राजा बाबू!! :)
लेकिन लग रहे हो फिर भी स्मार्टी...ऑफिस में सबने खिलाया कि नहीं?
February 18, 2010 at 6:42 PM
जच रहे हो प्यारेलाल.
रामराम.
February 18, 2010 at 7:30 PM
एक दम स्मार्टी
February 18, 2010 at 10:30 PM
smart boy..
February 19, 2010 at 2:10 AM
अबे यह बन ठन के किधर को बाबा... आज तो बहुत शरीफ़ लग रहे हो, क्या चित्र किसी ओर ने खींचा है क्या
February 19, 2010 at 3:03 AM
बोले तो हीरो लग रहा है, आदि...सुन्दर! बहुत सुन्दर!
February 19, 2010 at 4:15 AM
chota baccha bhut pyara lag raha hai...
February 19, 2010 at 6:21 AM
आदि बेटा आज दो बातें हुई एक तो तुम संधि करना सीख गये ( बाबा +आफिस =बाबाफिस) जो अच्छे अच्छे नहीं कर पाते दूसरे यह भी देख लिया कि बड़े होकर इतने छोटे से आफिस में काम चलेगा की नहीं :)
buzz
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