मैं शायद थोड़ा लक्की हूं.. पता है कैसे मैंने टाइगर देखा.. हां असली का.. पूरा ८-१० फिट लंबा.. पता है कहाँ त्रिवेंद्रम के चिडियाघर में.. बहुत सुन्दर टाइगर था.. और ताकतवर भी..
टाइगर देख कर बहुत अच्छा लगा.. अपने पिजरें में मस्ती से घूम रहा था.. वाकई बहुत इम्प्रेसिव था..
पर पता है.. भारत में अब केवल १४११ टाइगर ही बचे है.. और हम इन्हें कम से कम जू में तो देख पा रहे है..अगर ये ही हाल रहा तो टाइगर शायद जू में भी न नजर आये.. अगर हमने अभी चिंता नहीं की तो शायद बाद में हमें चिंता करने के लिए बाघ भी नहीं बचे... मैं तो जू में देख लिया लेकिन बाद में.......
"बाघ बचाओ"
February 19, 2010 at 5:40 PM
1411
तुम्हारी चिंता में हम भी भागीदार है आदि !
बाघों की गिरती संख्या वाकई चिंताजनक है एसा ही चलता रहा तो इस शानदार जानवर का अस्तित्व ही मिट जायेगा |
February 19, 2010 at 5:57 PM
nice
February 19, 2010 at 6:03 PM
very true ,but let's not worry about them too much . Dinosaurs are extinct now , so what ? this is all over-hyped propaganda beta, just a fashion statement and nothing else !
February 19, 2010 at 6:25 PM
अच्छा संदेश दिया है बच्चू...ऐसे ही सार्थक संदेश देते रहो. शाबाश!
February 19, 2010 at 7:48 PM
काश तेरी बात ही कोई मानले. अब ताऊ की तो कोई मानता नही. बहुत बढिया काम किया तूने.
रामराम.
February 19, 2010 at 7:49 PM
बहुत अच्छा सन्देश दिया है हम भी तुम्हारे साथ हैं। शुभकामनायें
February 19, 2010 at 8:02 PM
ओये हीरो बहुत समझदार हो गये हो, अब बात तो चिंता की है ही.....
love ya
February 20, 2010 at 12:22 AM
अरे आदि बेटा अब तुम जेसे बच्चे ही आंखे खोले हम जेसो कि तभी बात बनेगी, वर्ना आज की पीढी तो सत्यनाश करने पर तुली है... ओर सुन....nice ही nice लिखा है बेटा.
बहुत सुंदर संदेश दिया
February 20, 2010 at 12:50 AM
देख तो हम भी चुके पर लगता है कि कुछ सालों बाद हम इन्हें बस चित्रों में देख सकेंगे?
चलो तुमने अच्छा किया कि यहाँ फोटो लगा दी, कम से कम यहीं देख लिया करेंगे.
आज बहुत दिन बाद तुमसे बात हो रही है, Sorry
February 20, 2010 at 1:36 AM
सन्देश देती हुई पोस्ट!
February 20, 2010 at 3:42 AM
आदि बेटा
हमने १५ बरस पहले उन्हें सड़क पार करके पानी के कुंड की ओर जाते देखा था ! लेकिन उस दिन हम खुद पहियों वाले पिंजड़े के अन्दर थे और वे खुले घूम रहे थे !
अब क्या पता कि वे दोनों १४११ में शामिल हैं कि नहीं
February 20, 2010 at 5:32 PM
आपकी चिंता सही है और प्रयास सराहनीय.
February 20, 2010 at 8:09 PM
मूर्तियां बना करेंगी उनकी तब! :(
Post a Comment