बाबा नेपाल से दौरा-सूरवाल लाये... बताइये साबजी कैसा लग रहा हूं मैं....
चक्कर पोटी का!! सर्दी क्या आई जिसे देखो अपने सर पर पोटी लगाए घूम रहा है.. रंग बिरंगी पोटी.. आदि से सर पर पोटी.. बाबा से सर पर पोटी.. बिना पोटी लगाए कोई घर से बाहर ही नहीं निकलता... मम्मी जब मुंबई गई तो मैंने और बाबा दोनों दोनों से सर पर पोटी लगा दी.. सर्दी बहुत थी न.. और जब ये बात मम्मी को बताई तो मम्मी हैरान.. मुझे पता है आप भी हैरान हो गए होगें... चक्कर ये की मैं "टोपी" को "पोटी" बोलता था.. अब जाकर सही तरह से टोपी बोलना सिखा हूं.. |
|---|
January 13, 2010 at 10:06 PM
काँचा रे काँचा रे हहा हा हा हा
love ya
January 13, 2010 at 10:06 PM
हा हा हा हा हा हा सोना लग रहा है हीरो....
love ya
January 13, 2010 at 10:12 PM
बहुत सुंदर लग रहे हो .. अब टोपी बोलना सीख गए न .. अर्थ का अनर्थ हो रहा था पहले !!
January 14, 2010 at 12:24 AM
Just a Big WOW. beta is looking cool and so handsome. I just want to hug him. pleaseeeeeeeeeee
January 14, 2010 at 5:19 AM
श्श्लाम शाब!!..ये क्या नेपाल से आया बबूआ!!
पोटी....हा हाहा!!
बहुत प्यारे लग रहे हो!!
January 14, 2010 at 9:53 AM
अले अले हमाला पलटू बाबा तो बहादुर लगता है, बहुत सुंदर
January 14, 2010 at 4:35 PM
अरे बिलकुल हीरो लग रहे हो बेटा!
January 14, 2010 at 5:22 PM
साब जी आप हमें बहुत अच्छे लग रहे हो तभी तो हमने आपको चर्चा मंच पर शामिल कर लिया है!
January 14, 2010 at 6:37 PM
अरे कान्चा शुन्दर लग रहे हो .और तुम्हारी पोटी सारी टोपी बहूत शुन्दर है .
January 14, 2010 at 8:25 PM
बहुत सुन्दर
January 14, 2010 at 11:14 PM
अरे ये आदि आजकल नेपाली बन गया क्या?
रामराम.
January 15, 2010 at 6:25 AM
श्लाम शाब जी । अम बंबई से लिखता है शाबजी ।
तुम तो अपना आदमी निकला शाबजी ।
बोलो इदर कब आता है ।
और तुमारा कांची किदर है शाबजी
Post a Comment