दो दिन पहले लोहड़ी थी.. वैसे तो कोई कार्यक्रम तय नहीं था.. पर शाम को पता चला की सोसाइटी में लोहड़ी मनाई जायेगी तो हम भी अपनी भागीदारी तय करने पहुँच गए... चंद तस्वीरें लोहड़ी की..
सर्दी बहुत थी तो हम भी टोपी डाल कर पहुँच गए..
क्या समझे..लोहड़ी सजा रहा हूँ... नहीं लकड़ी उठा कर भागने की तैयारी है..
और ये आगस्, फायर्स..
हम भी मम्मू की गोद में लोहड़ी की परिक्रमा कर आये..
January 14, 2010 at 10:57 PM
हमलोग तो अपने यहां लोहडी में जा भी नहीं सके .. तुमने तो बहुत इंज्वाई किया .. गनीमत है टोपी पहने आज .. पॉटी नहीं !!
January 15, 2010 at 2:29 AM
बधाई जी बधाई खूब लोहड़ी मनाई :)
January 15, 2010 at 4:20 AM
rudra to ghode bech kar sota raha ..............
January 15, 2010 at 4:42 AM
ठीक है भई थैन्क यू टू
January 15, 2010 at 5:04 AM
हैप्पी लोहरी आदि...और हैप्पी मकरसंक्रांति भी...
नीरज
January 15, 2010 at 5:14 AM
वाह
January 15, 2010 at 6:55 AM
यार आदि तू तो शौकीन आदमी है, सारे त्योहांर मनाने मे आगे रहता है. हैप्पी लोहडी और मकर सक्रांती.
रामराम.
January 15, 2010 at 11:34 AM
वाह बच्चे...खूब त्यौहार मना लेते हो..अब वेनेन्टाईन डे की तैयारी होगी, क्यूँ???
:)
हमारा प्रसाद.....U.....थैंक्यू!!!
January 15, 2010 at 6:19 PM
... लेख मे 'लोहडी पर्व' पर भी तनिक प्रकाश डालते तो हम जैसे नये लोगों को जानकारी मिलती !!!
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