बाबा का इस बार का कन्याकुमारी दौरा ज़रा लंबा था.. करीब ११ दिनों का.. अब इतने दिन तक दिल्ली की सर्दी में कौन रहेगा.. तो मैं भी उनके साथ कन्याकुमारी जा रहा हूँ.. और हाँ शायद आपको नहीं बताया.. अगस्त से मम्मी ने भी फिस् (ऑफिस) जाना बंद कर दिया था.. तो अब मम्मू की छुट्टियों का चक्कर खत्म... और मम्मू भी हमारे साथ.. कुमारी जा रही है ..
आज सुबह IT 203 से सीधा कुमारी श्यांऊ..
अगली पोस्ट कन्याकुमारी से... जल्द मिलते है..
January 16, 2010 at 5:39 PM
कन्या कुमारी बहुत अच्छे सर्दी से तो बचोगे . वहा विवेकानंद राक जरुर देखना . और मम्मी पापा का ध्यान रखना
January 16, 2010 at 8:23 PM
This Sunday morning, I spent quite some time with Aditya. It's a great concept. I liked it. Best.
January 16, 2010 at 10:53 PM
मैं चलूँ ?
January 17, 2010 at 12:24 AM
chalo hum wait kar rahe hain:)
January 17, 2010 at 2:11 AM
अबे ठहर ना, मै भी चलूंगा साथ मै, शुभ यात्रा
January 17, 2010 at 9:40 AM
हमे भी घूमना था आदि के साथ...बहूहूहू...:(
January 17, 2010 at 9:49 AM
"वहाँ से वहाँ की अच्छी-अच्छी झाँकियाँ दिखाना!
स्वस्थ और ख़ुश रहना! अच्छी-अच्छी बातें सीखना!"
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ओंठों पर मुस्कान खिलाती, कोहरे में भोर हुई!
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संपादक : सरस पायस
January 17, 2010 at 5:44 PM
हाँ ये ठीक है,वैसे सर्दी यहाँ तो कम हो गयी है.
January 17, 2010 at 5:44 PM
परिवार के साथ आदि यात्रा मंगलमय हो!
January 27, 2010 at 4:15 AM
तुम्हारे आने का इंतजार है
January 31, 2010 at 1:21 AM
वाह! कन्याकुमारी जा रहे हो. बहुत बढ़िया...समंदर की लहरों में खूब मजा करना....और यह पता करके आना की समंदर का पानी कैसा लगा मीठा या कुछ और.....और हमारे लिए भी कुछ लेकर आना.....
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