चलो यार तुम्हें देख -दिखा के कह सकते हैं कि कोई तो ब्लागर है .......जो इतने ठाट से ब्लागिंग कर रहा है....बिटवा सर्दी में ई ठाट जरूरी है ...खूब मस्ती करो...
ये मौज!! क्या बात है...तेरी ताई तो हमें काजू छूने नहीं देती और टीवी, जो वो देखे वो ही देखना अलाऊड है..ताई आयेगी न तुम्हारे पास..तो उसे न टीवी दिखायेंगे और न कुछ खाने को देंगे.बस, हम और हमारा बबुआ...ऐसे ही... :)
December 6, 2009 at 6:20 PM
चलो यार तुम्हें देख -दिखा के कह सकते हैं कि कोई तो ब्लागर है .......जो इतने ठाट से ब्लागिंग कर रहा है....बिटवा सर्दी में ई ठाट जरूरी है ...खूब मस्ती करो...
December 6, 2009 at 6:21 PM
ये मौज!! क्या बात है...तेरी ताई तो हमें काजू छूने नहीं देती और टीवी, जो वो देखे वो ही देखना अलाऊड है..ताई आयेगी न तुम्हारे पास..तो उसे न टीवी दिखायेंगे और न कुछ खाने को देंगे.बस, हम और हमारा बबुआ...ऐसे ही... :)
December 6, 2009 at 11:38 PM
मौजां ही मौजां हीरो.....
love ya
December 7, 2009 at 12:10 AM
चित्रों में बहुत बढ़िया लग रहे हो जी!
December 7, 2009 at 5:13 AM
वाह ! क्या मौज है !
जब तक स्कूल के चक्कर में ना पड़े तब तक खूब मौज ले ले प्यारे बच्चू :)
December 7, 2009 at 5:15 AM
आदि यार ! ये टी वी वाला फोटू नहीं लगाना चाहिए था इसे तो पहेली ही बना देता " काजू खाते हुए आदि क्या देख रहा है ? "
December 7, 2009 at 5:32 AM
ऐश हैं !
December 7, 2009 at 5:46 AM
आनन्दम आनन्दम
December 7, 2009 at 8:17 AM
रोचक
December 7, 2009 at 11:18 AM
वाह जी आज तो आदित्य के ठाठ ही निराले है ।
December 12, 2009 at 10:02 PM
अरे बाप रे । कुकर ।
इसकी सीटी सुनकर तो मैं रोने लगता हूं ।
December 13, 2009 at 7:45 AM
वाह बेटा, ऐश हो रही है.. :)
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