पापा "ओ (ऑरेंज)" और यम यम देकर किचन में चले गए.. कुछ देर बाद आकार देखा तो आदि गायब.. पापा ने आवाज लगाईं "आदि.." और हट में से आवाज आई "क्या".. अरे आदि तो अपनी हट में चला गया.
पर आदि हट से बाहर क्यों आ रहे हो?
देखो.. पापा ने फोटो लेने के चक्कर में मेरे "हट" का पर्दा ऊपर कर दिया.. ठीक करना पड़ेगा..
December 17, 2009 at 7:19 PM
अरे वाह!! पढ़ाई भी चल रही है...कित्ता मेहनती बच्चा है! जिओ मेरे लाल!!
December 17, 2009 at 8:01 PM
हट में जो आये उसको हटा देना.. अकेले अकेले ओ खा रहे हो.. हमें भी खिलाओ भई
December 17, 2009 at 8:47 PM
aha kitana maja ata hain naa adi ! rudra bhi garmiyon me din bhar usi me baitha rahta tha ab sardi ho gai hai naa sliye rajai me gus jata hai.:)
December 17, 2009 at 9:16 PM
हट माने झोपडी - तेरी उल्टी खोपडी
December 17, 2009 at 9:33 PM
पढ़ाकू बच्चे बहुत अच्छे होते हैं!
December 18, 2009 at 12:14 AM
कितनी काम की हट है? खाना, सोना और पढना..सब एक जगह? मजे करो आदि भाई!
रामराम.
December 18, 2009 at 2:35 AM
यार आदि ,
ये बढिया जगह तलाश ली तुमने ..मजा का मजा , पढाई लिखाई सब कुछ
December 18, 2009 at 2:40 AM
यह हट तो बहुत मजेदार दिख रहा है ।
December 18, 2009 at 4:35 AM
वाह ! वाह !
December 18, 2009 at 5:59 AM
Aadi...bahut hi pyaara tent hai...bhahut pyarai pictures hain...main bhi aa rahi hun..tumhare khilone bhi rakh lena.
December 18, 2009 at 7:24 AM
चल हट खट पट कर आदि को तंग मत कर......8
December 18, 2009 at 10:23 AM
अरे आदि बेटा हमे तो जरुर जगह देगा ना अपने इस हट मै, ओर यह स्वेटर तो दादी मां के हथ का लगता है
December 18, 2009 at 10:34 AM
बहुत प्यारी है हट।
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