मुझे मजा आता है अपने हाथों से फूलों को छूना..
ये है मेरी बगियाँ के फूल..
पकड़ लो इन सबको...
पसंद आया!!
शरारत ऑफ द डे वैसे तो में पौधों को पानी मम्मी के साथ ही देता हूँ.. पर अब में खुद पानी देना सिख गया हूँ.. परसों मम्मी पापा हैरान हो गए.. जब में बाथरूम से खुद ही पानी से भरी बाल्टी और मग लेकर टेरस पर पहुँच गया.. और अपने नन्हे नन्हे हाथों से पौधों को पानी देने लगा.. वो भी बिलकुल सही तरीके से.. |
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*** तिहरा शतक ***
आपसे बातें करते करते १७ माह का यह सफर आज ३०० वीं पायदान पर पहुँच गया... इस सफर में साथ देने के लिए आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया..
धन्यवाद!!!
December 7, 2009 at 6:08 PM
अरे बबुआ ! पहले तो ३०० वें पायदान पर पहुँचने के लिए बहुत बहुत बधाइयाँ |
और देखा बगिया में पानी देने का कमाल कितने बढ़िया फूल खिले है बिल्कुल तेरे जैसे |
(बगिया में पानी देते तुम्हारी वो पोस्ट हमें याद है )
December 7, 2009 at 7:01 PM
wah bete.
December 7, 2009 at 7:01 PM
बाप रे बाप!! ३०० पोस्ट..समीर अंकल से भी आगे पहुँच जाओगे चंद दिनों मे..कितनी खुशी होगी मुझे....
बगीचे में पानी दे खूब सजाओ!!
December 7, 2009 at 7:08 PM
अरे वाह, तीसरा शतक।
December 7, 2009 at 7:41 PM
आप भी इन्हीं फूलों की तरह खिले एक बेहद खूबसूरत फूल हो आदित्य !
इनसे प्यार करो, सबसे प्यार करो !
तीन सौ का आँकड़ा - बढ़ते चलो !
December 7, 2009 at 7:59 PM
इत्ते सारे फूल ... बीच में आदि कहां है...हम तो ढूंढ ही नहीं पा रहे !
December 7, 2009 at 9:57 PM
तीसरे शतक की हार्दिक बधाई हीरो, और इन सारे रंग बिरंगे फूलो की बगिया में सबसे प्यार फूल तो आदि ही है न .....
love ya
December 8, 2009 at 12:03 AM
arree aadi babu :) phool pakad ke todna nahi... aise hi roz khelna unke saath... tumhari tarah khoobsurat hain :)
December 8, 2009 at 3:36 AM
आदि की बगिया आदि जैसी प्यारी,आदि लगे प्यारे फूल सा ,खिलती रहे यह फुलवारी :)
December 8, 2009 at 5:05 AM
बधाई अब आगे ५०० पर बधाई देंगे.
December 8, 2009 at 5:35 AM
300वी पोस्ट की बहुत-बहुत बधाई आदि बेटा!
तुमने तो सहवाग को भी पीछे छोड़ दिया!
December 8, 2009 at 11:40 PM
आदि बहुत प्यारे लग रहे हो। बधाई।
December 12, 2009 at 10:01 PM
तीन सौ की बधाई ।
तीन सौ तक गिनती आती है क्या आदी भैया ।
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