परसों घर पर केबल ख़राब हो गया था.. एक अंकल आये थे ठीक करने.. घर पर जब भी ऐसी कोई बात होती है तो मेरा वहां होना बहुत जरुरी है.. आखिर मुझे ही तो सब सिखाना है.. तो देखें पहले तीन फोटो में जब अंकल काम कर रहे थे तो कैसे झांक झांक कर देख रहा था..
और जब थोडी देर बाद जब अंकल चले गए तो मैं शुरू हो गया... अपना पाठ दोहराने.. देखिए इन दो फोटो में...
है न तैयार मैकेनिक..
आया मजा..
November 11, 2009 at 6:03 PM
जियो मेकेनिक !
November 11, 2009 at 6:53 PM
हा हा हा हा हा हा सही जा रहे हो हीरो
love ya
November 11, 2009 at 7:04 PM
हमारा टी वी बंद है आदि सर...चले आओ..जहाज का टिकट भेज रहे हैं. :)
November 11, 2009 at 7:42 PM
भाई मैकेनिक कह कर तौहीन क्यों करते हो?
इंजीनियर कहो ना!
November 11, 2009 at 7:53 PM
इन्जीनियर ही कहेंगे हम भी . बेटा टी वी भी ठीक कर लेना जब मौका लगे
November 11, 2009 at 8:17 PM
ये क्या कर रहे हो .. तुमने मुझे तो डरा ही दिया .. नकल करने के लिए अकल चाहिए होती है .. पर तुम तो बंदरों की तरह बिना अकल के नकल करने लगे !!
November 12, 2009 at 1:06 AM
मैकेनिक नहीं यार, इलेक्ट्रीशियन बन गया.
November 12, 2009 at 3:02 AM
भाई हमारा फ़्युज उड गया है. अंधेरे में बैठे हैं.तुरंत आवो.
रामराम.
November 12, 2009 at 6:18 AM
अरे वाह !! बहुत सही जा रहे हो :)
November 12, 2009 at 6:47 AM
बहुत चाइल्ड लेबर कराते हैं! :)
November 12, 2009 at 8:27 AM
न तो मेकेनिक ना ही इंजीनियर ना ही इलेक्ट्रीशियन ओर ना ही बंदर है.... आदि तो हमारा मिस्त्री है जी चलो जल्दी करो भाई
November 12, 2009 at 9:50 PM
आदि .. ना ना ना.. ऐसा मत करना दोस्त.. इतनी शैतानी भी अच्छी नहीं
हैपी ब्लॉगिंग
November 13, 2009 at 12:08 AM
kitne interest se dekh raha hai aadi...par ese door rakhna chahiye in sab se.....safe....
November 13, 2009 at 2:18 AM
होनहार बीरवान के होत चीकने पात...
November 16, 2009 at 2:23 AM
अरे वाह तुम तो इंजिनीअर बनोगे...और हमारे साथ काम करोगे...अभी से ये तेवर हैं तो आगे क्या करोगे समझ में आ गया है...और हाँ तुम्हारे ये बाल कब कटेंगे...?
नीरज
November 17, 2009 at 1:19 AM
अगर ऐसे मैकेनिक ठीक करे, तब तो चीजें एकदम ही ठीक हो जाएगी।
ह ह हा।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }
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