मुझे पता है आप बहुत दिनों से चिडियाघर नहीं गये हो.. तो कुछ फोटो आपके लिये ले आया हूँ.. फोटो देख लें पर असली मजा तो वहीं जाकर देखने में है..
सैर की शुरुआत हुई बत्तख देख कर.. और उसके बाद तो बहुत सारे birds और animals..
ये है सफेद मोर..
ये है हिरन..
और ये है सफेद हिरन..
ये सुन्दर पक्षी कौन है.. मम्मी बताओ जऱा
ये तो दरियाई घोड़ा है..
ये बन्दर..
वहां देखो कौन है…. दिख रहा है… होSSSSS
ये रहा शेर…..
वो देखो बाबा “मगरमच्छ”
ओर ये भालू तो सो रहा है…
ये तेंदुआ
बाबा ऊधर देखो!!! वो क्या है?
घूम लिये न पूरा चिडियाघर.. पर आप सोच रहे होगें इतना बड़ा चिडियाघर आदि कैसे घूमा होगा.. थक गया होगा न.. ? अरे मैं पैदल थोड़ी न घूमा.. ये देखो.. चिडियाघर में घूमने के लिये एक कार भी थी…
और कार से उतर कर.. “बाबा”
वैसे तो बहुत मजा आया पर वहाँ थोडी सी.. बू.. आ रही थी.. कोई बात नहीं.. नाक बंद कर सकते है…
पसंद आया?
November 29, 2009 at 9:28 PM
चिडियाघर तो सारे बच्चे बहुत पसंद करते ही हैं .. बडे होने के बावजूद हम भी पसंद करते हैं .. बहुत अच्छी लगी तुम्हारे द्वारा करवायी गयी यह सैर .. पर इत्ती छोटी सी उम्र में तुम्हे बदबू कैसे महसूस हुई !!
November 29, 2009 at 10:12 PM
aha maja aa gaya ghum ke , rudra bhi ghum liya tumhare saath , yahan chidiyaghar nahin hai naa:(
November 29, 2009 at 10:14 PM
पापा की गोद में दिल्ली दर्शन..! बिलकुल मेरी तरह...
November 30, 2009 at 12:12 AM
वाह खूब सैर करवा दी आपने हमें भी साथ साथ आदि जी
November 30, 2009 at 12:12 AM
बहुत बढ़िया!
आज तो हमने भी आदि के साथ
चिड़ियाघर घूम लिया!
November 30, 2009 at 1:33 AM
ये बहुत जोरदार रहा..वाकई मुद्दते हुई चिडियाघर में सैर किये हुये.आज तूने करवा दी..मजा आगया,
रामराम.
November 30, 2009 at 1:53 AM
ओये एक बात बता. तूने कौन सा जानवर सबसे ज्यादा बार दिखाया?
बता...चल नहीं बताना?
मैं बता देता हूँ.
इंसान ...
अरे भाई, इन्सान भी तो एक जानवर ही है.
November 30, 2009 at 2:11 AM
अरे बाप रे इतने सारे पक्षी जानवर देखे और तुमको डर नहीं लगा? बहुत बहादुर हो आदि...शाबाश...
नीरज
November 30, 2009 at 4:27 AM
तुम्हारे साथ घूम तो हम भी लिए ,पर ये तो बताओ की पापा जी आजकल ज्यादा मेहरबान क्यों हैं ?
November 30, 2009 at 8:15 AM
वाह भई आदि बहुत अच्छे. बड़े होकर इन जानवरो की रखवाली भी तुम्हें ही करनी है इससे पहले कि हम इन्हें इस धरती से मिटा दें..
November 30, 2009 at 8:45 AM
अबे आदि हमे भी बोलता हम बःई आ जाते तुम्हारे सा, बेटा अकेले ही घुम आया ना...
November 30, 2009 at 9:19 AM
बहुत खूब...
अकेले अकेले घूम आये बरखुरदार....
November 30, 2009 at 1:16 PM
आदित्य चिड़ियांघर की सैर में आपके साथ साथ हमें भी बहुत मजा आया ।
November 30, 2009 at 1:16 PM
आदित्य चिड़ियांघर की सैर में आपके साथ साथ हमें भी बहुत मजा आया ।
November 30, 2009 at 6:05 PM
तुम्हारी घुमने की कहानी पढ़ते हुए लगा हम भी आदि के चिड़िया घर में घूम रहे है |
December 1, 2009 at 7:35 AM
अरे भई इस दिन तो मै भी था दिल्ली में अगर पता होता तो मै भी आ जाता चिडिया घर मे .तुम्हे एक जानवर और देखने को मिल जाता
December 1, 2009 at 5:57 PM
साड्डी वी सैर करा दित्ति पुत्तर.... वैरीगुड.. वैरीगुड..
December 13, 2009 at 7:33 AM
अरे, एक पिंजड़ा खुला रह गया था क्या? आदि बंदर बाहर कैसे आ गया? :)
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