कल खेलते खेलते मैने ने ताला कहीं छुपा दिया.. और जब मम्मी बाहर जाने लगी तो ताला गायब मिला... और बिना ताला लगाये बाहर जा नहीं सकते..
मम्मी हैरान.. परेशान.. पुरे घर में ढुढ लिया पर मेरी छुपाई चिज भला मिल सकती थी.. परेशान हो आखिर माँ ने वो किया जो उन्हे बहुत पहले कर लेना चाहिये था.. मुझसे पुछा..."आदि ताला कहाँ है?" पर मैं एक बार में थोडे़ ही बताने वाला था.. और मम्मी के साथ ढुढने का नाटक करने लगा.. टेबल के निचे, कुर्सी के ऊपर, सोफा पर.. और यत्र, तत्र, सर्वत्र... हैरान मम्मी ने एक बार फिर पुछा.. "आदि ताला कहाँ है?" और मैं मम्मी का हाथ पकड़ कर टेरस पर ले गया.. और इशारा कर वो जगह बता दि जहाँ ताला रखा था..
है न आदि कमाल...
पसंद आया..
(फोटो ४ अक्तूबर की)

November 1, 2009 at 11:56 PM
वाह भई !!
November 2, 2009 at 12:12 AM
तुम्हारे याददाश्त की तो तारीफ करनी होगी !!
November 2, 2009 at 1:01 AM
ये तो कमाल हो गया
November 2, 2009 at 1:45 AM
कल ताली आज ताला,
खूब खेलो नंद लाला॥
November 2, 2009 at 2:52 AM
शैतान बच्चा है आदि :)चाबी गुम होते तो सुना था पर ताला गुम :)
November 2, 2009 at 4:30 AM
कमाल है भी आदि...तुम तो खूब ही शैतान होते जा रहे हो...शाबाश...करते रहो शैतानी...ऐसे ही..
नीरज
November 2, 2009 at 5:11 AM
बहुत अच्छे उस्ताद. यहां ताला गुम करवा दिया वहां ताऊजी डाट काम मे बिजली का प्लग उखाड दिया या लगा दिया? क्या किया? वो भी बता आवो अब.:) समीर अंकल याद कर रहे हैं.
रामराम.
November 2, 2009 at 6:17 AM
खतरनाक हो प्यारे तुम! :)
November 2, 2009 at 8:19 AM
शरारती हो गए हो आजकल ! लेकिन बढ़िया है होना भी चाहिए ! ऐसी शरारते सभी को बहुत मजा देती है | खूब शरारते करो आदि ..
November 2, 2009 at 9:39 AM
वाह अदि भाई, शुक्र किसी के सर पर नही फ़ेंक दिया:)
November 2, 2009 at 11:35 AM
बहुत बढ़िया!!
November 2, 2009 at 12:21 PM
बाप रे, गजब हैरान किया होगा...बहुत सही बालक!! ये शैतानी!! :)
November 2, 2009 at 9:46 PM
तो तुम्हारी खुराफातें जारी हैं :) ऐसे शैतानी करोगे तो मम्मी पापा तुम्हें घुमाना बंद कर देंगे...आगे से ताला मत छुपाना :)
November 2, 2009 at 11:33 PM
बहुत खूब आदि :)
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