कल का दिन मेरे लिये विशेष रुप से प्लान किया गया था.. और एजेण्डा में था मुझे घूमाना और रेस्टोरेंट में खाना खिलाना.. घूमने में शामिल था बत्तख और खरगोश देखना.. और वो देखने हम गये एक आश्रम में.. और आश्रम दूर था तो पापा मम्मी के साथ लोंग ड्राइव का मजा भी..
गाड़ी में मम्मी के साथ मस्ती करते हुए हम आश्रम पहुँच.. पर ये क्या? वहां गये तो पता चला वो दिन में दिन में १२ बजे तक ही खुलता है.. इतनी दूर आये और खरगोश और बत्तख नहीं देख पाये.. ये तो प्रोग्राम खराब हो गया..:(
एक प्रोग्राम तो खराब हो गया लेकिन मुझे मस्ती करने का दूसरा मौका तुरंत मिल गया.. रास्ते में मम्मी जब नर्सरी से पौधे खरीदने लगी तो मैं भी “बाबा” के साथ काऊ देखने लग गया.. पता है वहाँ बहुत सारी काऊ थी.. और उन सभी को देख मैं बहुत खुश था.. काऊ देखने के बाद हम एक खेत में गये.. और वहां हमने ताजा सब्ज़ियाँ खरीदी... और मैं खेत में चला गया पौधों को करीब से छूने..
और फिर रास्ते में कार और काऊ देखते देखते हम चाचा के घर चले.. वहां चाची में मेरे लंबे बाल देख एक नई हेयर स्टाइल बना दी.. और बाल फिक्स करने के लिये हेयर जेल भी लगा डाला..
और दिन का समापन हुआ एक रेस्टोरेंट में डिनर कर.. वैसे तो मैं पहले भी कई बार रेस्टोरेंट में गया पर मैं, बाबा और मम्मी (सिर्फ हम तीन) के साथ में पहली बार गया.. और वहां खाई मेरी मनपसंद इडली और फ्रेश लाइम सोड़ा..
तो ऐसे हुई इस वीक एंड की शुरुआत...
November 21, 2009 at 6:55 PM
वाह बिटवा घूम घुमाई हो रही है
अजय कुमार झा
November 21, 2009 at 7:42 PM
Khoob ghume aur yah hair style to jum raha hai yaar!! bahut HERO!!
November 21, 2009 at 9:06 PM
वाह छा गये..बहुत दिन मे दिखे पर मजा आगया तुझसे मिलकर आज.
रामराम.
November 21, 2009 at 9:16 PM
तुमहारे ही तो मजे हैं बबुआ .. हमें तो दिनभर फुर्सत ही नहीं !!
November 22, 2009 at 12:56 AM
देखा खेतों में घुमने पर कितना मजा आता है कभी मेरे साथ गांव चलना वहां खेत ही खेत है | फसल व पौधों के साथ रेतीली मिटटी भी है लोटपोट खेलने के लिए |
November 22, 2009 at 2:54 AM
कार अच्छी तरह चलाना . और गांव देखना हो तो मेरे पास आना मै तो रहता ही गांव मे ही हूं अधिकतर
November 22, 2009 at 3:31 AM
भई आदि अब तो तुम अग्रेज बन गये, पता नही कोन कोन से जानबरो का नाम लेते हो, ओर क्या क्य खाते है.....:) लेकिन बाबा गाडी तो धीरे चलाओ, हमे डर लगता है.
November 22, 2009 at 3:57 AM
ओफ्फो! कार ड्राइवर का काम भी तुमसे लेने लग गये! कैसे माता पिता हैं! :)
November 22, 2009 at 4:48 AM
वाह बेटा!
शाबाश!
कार चलाते हुए बहुत स्मार्ट लग रहे हो।
November 22, 2009 at 7:34 PM
इत्ता क्यूट ड्राईवर ,
वाव मजा आ गया !
November 24, 2009 at 3:22 AM
हे गाय! हाऊ यु से गाय को काऊ
November 24, 2009 at 7:33 PM
so enjoyed outing na keep it up hero...
love ya
December 13, 2009 at 7:36 AM
ओहो, एफ वन रेसर.. जियो बेटा.. :)
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