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कुकर की सीटी में म्हारो मन डोले..

बडे़ होने के साथ साथ मेरे खेल भी बदल गये है..और अब खेल मेरी मर्जी से होते है.. आजकल कूकर की सीटी से बहुत लगाव हो गया है.. और जब भी सीटी सुनने की इच्छा होती है तो किचन में पहूँच जाता हूँ.. कुकर कहाँ रखा होता है.. कैसे फिट होता है.. मुझे सब पता है.. और मेरी फरमाइश पूरी करने के लिये मम्मी/पापा कूकर में पानी डाल सीटी बजाते है... तसल्ली से देखिये ये विडियो और देखिये मेरा ये खेल..





कैसा लगा?



शरारत ऑफ द डे
कल शाम को पापा के साथ घूम कर आ रहा था तो लिफ्ट में एक अंकल मिल गये... अंकल अपनी धून में मस्त थे.. जेब से एक क्लोरोमिंट निकाली और खा ली.. मैनें तुरंत अपना विरोध जताया.. अंकल भी समझ गये.. जेब से एक क्लोरोमिंट निकाली और मुझे दे दी.. और मैने बदले में दी एक प्यारी सी स्माईल... दूबारा मत पुछना...
15 comments:

Comments

बहुत बढ़िया आदित्य जी।
अच्छा का ढूँढ लिया है तुमने तो।


हा हा हा हा हा ओये हीरो मजा आ गया .

love ya


अंकल भी समझ गये.. जेब से एक क्लोरोमिंट निकाली और मुझे दे दी.. और मैने बदले में दी एक प्यारी सी स्माईल... दूबारा मत पुछना...

बहुत होशियार हो गए हो :)


वाह कूकर की सीटी मे आदि का मन डोले...छा गया गुरु..छा गया.

रामराम.


सीटी क्या तुम्हारा तो कुकर पर ही मन डोल रहा लगता है :-)


हा-हा, होनहार विरवान के, होत चिकने पात, शुभकामनाये आदित्य !


ए बच्चे !

कुकर कैसे फिट होता है यह तो कुछ ज्यादा ही सीख लिया तुमने :)


मस्त है आदित्य बहुत मस्त . और हां दुबार नहीं पुछुगा :)


:) बहुत प्यारी है आपकी स्माइल और कुकर फिट करने का तरीका भी :)


वाह बेटा,मजा आ गया तुम्हारी शरारते देख कर, लेकिन कभी हाथ मत लगा लेना गर्म गर्म कुकर को. प्यार ओर बहुत सा प्यार


देखते देखते कितना कुछ सीख गया और भारी सामान भी उठाने लगा.

एक क्लोरोमिंट हमारी तरफ से भी.. :)


आदि बड़ा हो गया है हमारा...वाह...अपने से भारी कूकर उठा रहा है...कहीं संजीव कपूर सा भोजन विशेषग्य तो नहीं बनेगा भविष्य में...??क्या इरादा है जनाब का?
नीरज


नहीं गुरूदेव.. दुबारा नहीं पूछेंगे.. :)


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