आदि मजे में है और बहुत ज्यादा शरारती हो गया है.. कुछ नये शब्द भी सिखे है... जैसे ’चली गई’.. ऊपर चढ़ना सिखा है तो बस अब हर जगह चढ़ने कि कोशिस करता है.. और उस चक्कर में गिर भी जाता है.. पर वो खुब मौज कर रहा है..
आदि की मम्मी अब आदि के साथ खेलने के लिये हर समय घर पर होती है.. तो आजकल मम्मी का कुछ ज्यादा लाड़ला हो गया है.. हर समय मम्मी मम्मी..
कुछ दिनों तक व्यस्तता बनी रहेगी.. लेकिन कोशिस रहेगी सप्ताह में कम से कम एक बार आदि की खबर आप तक पहूँचा दें..
अगले १४ दिन जकार्ता और बैंकाक में कटेगें तो आपके साथ मैं भी आदि को बहुत मिस करूगां..
September 6, 2009 at 10:06 AM
aare waah aadi aur mummy khub masti maza kar rahe hai,au aadi baba khub sara laad karwake le rahe hai bahut khub.
September 6, 2009 at 10:28 AM
आदि बेटा बहुत शरारती हो गये हो, लेकिन अच्छा लगता है, अब जल्दी से बोलना सीख लो फ़िर तुम से मिलेगे तो हम तो तुम्हारे दोस्त है ओर भाई तुम से बात भी करेगे ना.बहुत प्यार.
रंजन जी आप के दिल की हालत समझ सकता हुं, लेकिन काम भी जरुरी है, चलिये आप की यात्रा शुभ हो, ओर अपना काम पुरा कर के फ़िर समय निकाल कर आदि के लिये कोई सुंदर सा खिलोना ले कर आना.
हमारी तरफ़ से यात्रा के लिये शुभ कामनये, नमस्कार
September 6, 2009 at 11:31 AM
वाह भई आदि..आखिर तेरी खबर तो मिली. मजे करता रह. और पापा को भी काम निपटा लेने दे..फ़िर वापस शुरु.
रामराम.
September 6, 2009 at 11:38 AM
आपकी यात्रा शुभ हो ! समय मिले तो आदि की खबर लिखते रहिएगा |
September 6, 2009 at 5:17 PM
चलो, बबुआ की खबर तो मिली..तस्वीर देख ली और तसल्ली लग गई. यात्रा शुभ हो!
September 6, 2009 at 7:10 PM
आदि बेटा!
आपका तो बहुत दिनों से इन्तजार था।
खूब शरारत करो, यही तो उम्र है शरारतों की।
बधाई!
September 6, 2009 at 7:38 PM
धन्यवाद
तसल्ली हुई !
September 6, 2009 at 9:07 PM
आदि भी तो आपको मिस कर रहा होगा..जल्दी लौट आइये...
September 6, 2009 at 9:34 PM
hello aadi ,
very good morning!!!
September 6, 2009 at 11:36 PM
aadi ko fir se dekh ke achha laga.....
September 7, 2009 at 1:01 AM
aapki yatra subh ho, aur aadi ko masti se lete dekh achha laga ,mummy ko bhi mera hello :)
aur haan..aadi "la" ka uchharan (chali gai)karna seekh gaya , jaan kar bahut hi achha laga.
dher sara pyaar .
September 7, 2009 at 3:06 AM
बिल्कुल आनन्द में ही सोफायमान दिख रहै हैं आदित्य जी! :)
September 7, 2009 at 6:53 AM
chli gai .......kaun?
September 8, 2009 at 8:24 AM
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क्रियेटिव मंच
September 10, 2009 at 8:33 PM
itne din kahaan rahe Aadi? waise ham bhi vyast rahe.
achchha lagaa MAUJ karte dekh.
aish karo.
September 17, 2009 at 11:18 PM
ओये हीरो तभी हम सोचे की ये आदि गायब कहां हो गया....ह्म्म्म ....
love ya
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