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दोस्तों का स्वागत नमकिन भुजिया से किजिये..

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बिट्टु को जानते हो न? 15 अगस्त की शाम अपने पापा मम्मी के साथ हमारे घर मुझसे मिलने आई थी...  वैसे तो मैं शर्मा रहा था.. दूर दुर जा रहा था पर घर आये मेहमान की कुछ तो खातिर करनी थी.. पर बिट्टु है न बहुत छोटी है.. ज्यादा खाती पीती नहीं है... पर मैने उसे भुजिया खिला दी.. और उसने भी बहुत प्यार से भुजिया खाई..

ये देखो मैं भुजिया खा रहा हूँ.. और बिट्टु के सामने भी एक भुजिया रखा है..

ये लो बिट्टु तुम भी खाओ...

अच्छे से मुँह खोलो...

दे देखो शरारती हँसी.. 

और बिट्टु भी खुश...

पसंद आया...




सूचना
आज अर्पित चाचा का जन्मदिन है और मैं उनका जन्म दिन मनाने चंडीगढ़ जा रहा हूँ.. कुछ दिन वहीं रहूँगा.. और चाचा के साथ खुब मस्ती करूगां..
19 comments:

Comments

ओये हीरो हमे भी खानी है भुजिया खूब शरारती हो गये हो आजकल. अपने अर्पित चाचा जी को हमारी तरफ से भी जन्मदिन की शुभकामना देना ओके.....भूलना नहीं.....

love ya


इत्‍ती जल्‍दी मेहमानबाजी भी सीख ली .. फिर मुझे दोस्‍त बना लो न .. मुझे भुजिया पसंद है !!


मुझे भी भूख लगी है।भुजिया बहुत टेस्टी लग रही है।चाचा को मेरी ओर से शुभकामनाएं दे्ना।


Hey Aadee have a safe journey and happy b day to your chacha....

Those are lovely pictures of you and your friend....

And do you know while u were busy giving ur friend bhujia, your unseen friend, Reveda was busy learning the tricks to get on and off her bed.....


अरे वाह ! आखिर मेहमानबाजी की जोधपुर वाली परम्परा निभाना सीख ही गए | "पधारों म्हारे देश " |


नये दोस्त से मिलवाने का शुक्रिया!
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मानव मस्तिष्क पढ़ना संभव


vah.. aise hi mil jul kar rahna.. :)


और हां.. चाचा को मेरी बधाई दे देना.. :)


चल भई आदि. हमारी बधाई भी अर्पित चाचा को पहुंचा देना. और वहां से भी जाकर चिट्ठी पत्री लिखते रहना.

रामराम.


अरे वाह रे मेरे शर्मीले बबुआ! ये कलर..बहुत खूब!! टॉफी भी खिलाओ बिट्टू को.

बधाई अर्पित चाचा को.


राजस्थान की तो भुजिया है ही मशहूर . बीकानेर की नानाजी की भुजिया .


अच्‍छी है मेहमानवाजी।
अर्पि‍त चाचा को अपने हाथों से केक खि‍लाना मत भूलना।


हमें भी भुजिया की तलब हो रही है. मेहमानवाजी करना कोई तुझसे सीखे. ढेर सारा प्यार.


aadi bhai aap ne to nayab tarika nikal hai swagat ka


अरे ये बिट्टू इतनी जल्दी खड़े होने लगी, अभी दो महीने पहले जब आपने हमसे इसका परिचय कराया था तब से ये पेट के बल पड़ी रहती थी।
सच कहते हैं लड़कियां बड़ी जल्दी बड़ी हो जाती है।
और हां भई आदि आप तो बड़े मेहमाननवाज निकले, एक!!! भुजिया से उसका स्वागत किया!! मन गद्‍गद हो गया।


ओह!
तुम दोनों तो सारे लड्डू खा गये।
अंकल के लिए कुछ भी नही छोड़ा।


aadi baba waah,mehmaan nawazi bhi sikh liye,bahut khub,bittu se milwaye,bahut pyari dot hai aapki;):),auraapki shararati muskan,wallah ,sadke jawa.


अर्पित चाचा जी को हमारी भी बधाई कहना जी !


दिल बड़ा है तुम्हारा। भुजिया का एक टुकड़ा ही दिया तो क्या?! :)


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