अब झूला झूलना पसंद आने लगा है.. खुद ही झूला झुलने की फरमाइश करता हूँ.. और फिर उतरने का नाम नहीं लेता.. बस कोई झूला झूलाता रहे और मैं.... मैं झूलते झूलते नींद के मजे लुँ..
आप लोगों को सही बात बताऊं? आदि रामप्यारी की क्लास मे पढने गया था. वहां थक गया इस वजह से थक कर सो गया. आज पहले बार स्कूल गया था ना. सारी रिपोर्ट आज शाम की ३:३३ की पोस्ट मे ताऊ डाट इन पर पढ लिजियेगा. सारी पोल पट्टी खुल जायेगी.:)
अरे झुला झुलना तो तुम्हारा खानदानी शौक लगता है क्योंकि तुम्हारे गृहनगर जोधपुर में भी ज्यादातर घरों के आगे बड़े बड़े झूले लगे होते है सुबह उन झूलों पर गृहस्वामी को बैठे अख़बार पढ़ते देखा जा सकता है और शाम को भी घर के आगे बच्चे व बूढे झूले पर झूलते नजर आते है | तो भला तुम पीछे क्यों रहोगे |
अरे वाह बहुत सुंदर झुला है, लेकिन बेटा इस मै वेल्ट जरुर बांध लेना, तो गिरने का डर भी नही रहेगा, लेकिन बंधवायेगा कोन ?? बहुत प्यारे लग रहे हे, आज तो हमारे प्यारे लाल जी प्यार
July 2, 2009 at 8:37 PM
आदि तुम तो सोते हुए बड़े भोले लग रहे हो।
July 2, 2009 at 8:39 PM
oye hero so cuteeeeeeeeeeeeeeeeeeeee han.
love ya
July 2, 2009 at 9:53 PM
वाह यह भी ख़ूब कमाल है
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विज्ञान । HASH OUT SCIENCE
July 2, 2009 at 10:04 PM
नन्ही कली सोने चली :) काला टीका बड़ा सा लगाओ
July 2, 2009 at 10:11 PM
भाई हमें तो किसी दूसरे को भी झूलता देखकर चक्कर आ जाते हैं खुद झूलने का तो सोच भी नहीं सकते .
( चाहो तो हँस लो हम पर :) )
July 2, 2009 at 10:59 PM
धन्यवाद जाकिर भाई..
सुधार कर लिया है..
July 2, 2009 at 11:19 PM
kafi cute baby hai...
July 2, 2009 at 11:20 PM
आप लोगों को सही बात बताऊं? आदि रामप्यारी की क्लास मे पढने गया था. वहां थक गया इस वजह से थक कर सो गया. आज पहले बार स्कूल गया था ना. सारी रिपोर्ट आज शाम की ३:३३ की पोस्ट मे ताऊ डाट इन पर पढ लिजियेगा. सारी पोल पट्टी खुल जायेगी.:)
रामराम.
July 2, 2009 at 11:26 PM
बहुत प्यारा लग रहा है आदि ...
July 3, 2009 at 12:06 AM
नींद के सम्मोहन में पड़ कर आदित्य सबको सम्मोहित करता दिख रहा है । खूबसूरत ।
July 3, 2009 at 12:46 AM
अरे झुला झुलना तो तुम्हारा खानदानी शौक लगता है क्योंकि तुम्हारे गृहनगर जोधपुर में भी ज्यादातर घरों के आगे बड़े बड़े झूले लगे होते है सुबह उन झूलों पर गृहस्वामी को बैठे अख़बार पढ़ते देखा जा सकता है और शाम को भी घर के आगे बच्चे व बूढे झूले पर झूलते नजर आते है | तो भला तुम पीछे क्यों रहोगे |
July 3, 2009 at 1:12 AM
यह भी एक धमाल है
July 3, 2009 at 1:52 AM
अरे वाह बहुत सुंदर झुला है, लेकिन बेटा इस मै वेल्ट जरुर बांध लेना, तो गिरने का डर भी नही रहेगा, लेकिन बंधवायेगा कोन ??
बहुत प्यारे लग रहे हे, आज तो हमारे प्यारे लाल जी
प्यार
July 3, 2009 at 1:56 AM
@ भाटीया अंकल,
बेल्ट तो लगाना ही पड़ता है.. काले रंग का है.. उसके बिना तो कोई झूले पर नहीं बिठाता..
July 3, 2009 at 4:00 AM
mera bul bul so raha hai ....shhh! sab log dheere dheere bolo abhi aadi mithi neend me hai , touch wood :)
July 3, 2009 at 4:18 AM
राजा साहेब सो रहे हैं!! खबरदार!! जो किसी ने डिस्टर्ब किया.
बहुत प्यारे!!
ये मम्मी ने फिर टीका लगा दिया क्या?
July 3, 2009 at 6:43 AM
ऊधम मचाओगे थक जाओगे और ऐसे ही सो जाओगे .
July 3, 2009 at 9:17 AM
धीरे से आ जा री निंदिया...धीरे से आ जा..
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July 8, 2009 at 9:58 PM
बहुत सुन्दर लग रहे हो मगर वो निम्बू टंगे हैं ना नज़र नहीं लगेगी----khush raho
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