ताऊ ने कल आप सभी को बता तो दिया कि मैं ताऊ कि स्कुल में भर्ती हो गया.. और कल रामप्यारी कि क्लास अटेण्ड कर आया.. लेकिन ताऊ ने ये नहीं बताया कि मैं वहाँ पहुचा कैसे.. पापा और ताऊ कि पोल पट्टी मैं खोल दे रहा हूँ.. हुआ युँ कि मुझे लेने के लिये ताऊ ने अपनी हरियाण नंबर की खुली जिप्सी भेज दी.. अब आप बताओं बच्चे बस में स्कुल जाते हैं, वेन में जाते है, ओटो में जाते है पर ताऊ ने देखो कैसी जिप्सी भेजी..
मैं बहुत चिल्लाया, रोया.. पर देखो कैसे मुझे स्कुल भेज दिया...
मम्मी सुनो.. ताऊ मुझे स्कुल ले जा रहे हैं..
रोने धोने से कुछ नहीं होगा.. अब तो जान ही पडे़गा..
मम्मी ने भी टी शर्ट पहना कर स्कुल भेज दिया..
(ये तस्वीरें २३ मई की है, आदि शाम को घुमते हुए इस जीप में बैठने के लिये मचलने लगा.. तो उसे इसमें बिठा दिया.. वैसे तो हमेशा तस्विरें घटना के क्रम से ही लगाई जाती है पर आज ये कहानी के लिये इनका क्रम बदल दिया है.. सबसे अतिंम तस्विर सबसे पहले ली गई जब वो जीप में चढा़.. उसके बाद खुद ही उतरने कि फरमाईश भी.. )
कैसी लगी आपको ये कहानी..
July 3, 2009 at 7:46 PM
आदि ये ताऊ की क्लास है सबसे अलग हटकर | शुक्र है तेरे लिए ताऊ ने जिप्सी भेजी वर्ना ताऊ तो बुग्गी भी भेज सकता था |
July 3, 2009 at 8:05 PM
रामप्यारी के चक्कर में मत पड़ना बेटा!
ताऊ की पाठशाला से कुछ नही हासिल होगा।
July 3, 2009 at 8:13 PM
आदि भाई तुम अब राम्प्यारी की क्लास ज्वाईन कर लो
July 3, 2009 at 8:22 PM
बस्ता तो है नहीं। तो स्कूल की जिप्सी तो यह नहीं, ताऊ की भी नहीं, होती तो इतनी झकास नहीं होती। अभी स्कूल की उमर भी नहीं हुई। जब जाने लगोगे तो लगता है रामप्यारी की ही क्लास ले डालोगे।
July 3, 2009 at 8:23 PM
vaah vaah adi bahut badya padhoge likho ge banoge navab jo kheloge koodoge hoge kharab magar tum to ram piari aunti ko bhee padha karhe aaoge mujhe pata hai tum bahut shaitaan ho asheervaad
July 3, 2009 at 9:33 PM
बेटा सुधर जा ! अब तो शक्ल से ही शरारती नज़र आता है !
July 3, 2009 at 9:40 PM
आदि अबकी बार स्कूल के लिये एक जोगाड बनवा लिया है बच्चों को लाने ले जाने के लिये. उसी मे आना पडेगा.:)
रामराम.
July 3, 2009 at 9:45 PM
nice post wid very nice pics....ur blog is different n b`ful...
July 3, 2009 at 11:09 PM
HMM! AADI BETA AAP RAHTE KAHAN HO? AUR YE JEEP KAHAN KI HAI ? MAIN TO CONFUSE HO GAI !
AUR HAAN KAHANI BAHUT BADHIYA THI .
July 3, 2009 at 11:36 PM
बेटे अभी स्कूल ब्स्कूल के चक्कर में मत पडो . अभी मजे लो
July 4, 2009 at 2:17 AM
आदि ताऊ की कलास मै जाने के लिये बहुत बहुत बधाई,
July 4, 2009 at 3:36 AM
रामप्यारी की क्लास के भी अपने फायदे हैं आदि ! join it.
July 4, 2009 at 4:50 AM
chhote miyaan aap bas kush rahiye...
July 4, 2009 at 6:14 AM
भावना आंटी,
मैं दिल्ली में रहता हूँ, द्वारका में.. ये गाड़ी सोसाईटी की पार्किगं में आई थी पता नहीं कहाँ से..
July 5, 2009 at 8:07 PM
हा हा हा हा हा ओये हीरो फिर क्या क्या सीखा रामप्यारी जी की क्लास मे हाँ???
love ya
July 10, 2009 at 2:05 AM
अगले क्लास में रामप्यारी को कहना कि ड्राविंग सीखा दे..
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