bhai aadi, dhyan se pyaaj khana, aankh me lag gaya to bahut aansoo aate hain. aaj pahli baar aadi ki profile pic dekhi, sahbala ke dress me bahut pyaare lag rahe ho aap.
अरे आदि भाई हम दो समय इस प्याज को खाते है, इस प्याज के बिना तो मजा नही आता, बेटा लगता है प्याज कडवा नही होगा, लेकिन प्याज जितना चाहो खाओ, इस के लाभ ही लाभ है प्यार
सच्ची सच्ची बताना प्याज मीठा था न ! मम्मी ऐसे ही कोई भी प्याज थोड़े न देगी :) पहले मम्मी ने चखा होगा तब रजा बेटा को दिया होगा । वैसे रूद्र को भी मैं प्याज खाने को देती हूँ लेकिन सोंधा पका कर :) मम्मी से कहना वैसे भी खिलायें बहुत स्वादिष्ट लगता है बच्चों को । वैसे ये अच्छी बात है , बच्चों को सारी सब्जियां खाने की आदत डालनी चाहिए , इसलिए आदि .....आपके मम्मी पापा को फुल मार्क्स :)
July 1, 2009 at 9:18 PM
वाह प्याज तो सौ दवा की एक दवा है खाओ बेटे खाओ---अशीर्वाद्
July 1, 2009 at 10:05 PM
बहुत सही जारहे हो.:) लगे रहो.
रामराम.
July 1, 2009 at 10:37 PM
वह राजस्थान के शेर, प्याज खाओ अपने लिये तो यही सेब के समान है ।
July 1, 2009 at 10:40 PM
bhai aadi, dhyan se pyaaj khana, aankh me lag gaya to bahut aansoo aate hain.
aaj pahli baar aadi ki profile pic dekhi, sahbala ke dress me bahut pyaare lag rahe ho aap.
July 1, 2009 at 11:37 PM
हाँ भाई प्याज हमें भी पसंद है बेशक !
July 2, 2009 at 1:59 AM
अरे भई!
ये रसगुल्ला नही प्याज है।
बड़े-बड़ों के आँसू निकाल देती है।
July 2, 2009 at 2:08 AM
अरे आदि भाई हम दो समय इस प्याज को खाते है, इस प्याज के बिना तो मजा नही आता, बेटा लगता है प्याज कडवा नही होगा, लेकिन प्याज जितना चाहो खाओ, इस के लाभ ही लाभ है
प्यार
July 2, 2009 at 3:37 AM
अब मिर्ची भी किसी दिन ट्राई कर ही लो लगे हाथ.. :) थोड़ी सी. हा हा,, करना मत, मजाक कर रहे हैं.
July 2, 2009 at 5:17 AM
खाने के हैं कई स्वाद ,आदि सब खायेगा बढती उम्र के साथ :)
July 2, 2009 at 5:27 AM
ओये, पल्टू.
कल तेरे पापा से बात हुई थी, तू तो घूम रहा है लखनऊ में और उन्हें भेज रखा है दक्षिण में.
July 2, 2009 at 6:16 AM
बहुत अच्छा किया प्याज खाना सीख लिया कभी गर्मी में जोधपुर जाना हुआ तो प्याज खाकर लू से बचे रहोगे |
July 2, 2009 at 6:25 AM
लगे रहो.
July 2, 2009 at 7:25 AM
सच्ची सच्ची बताना प्याज मीठा था न ! मम्मी ऐसे ही कोई भी प्याज थोड़े न देगी :) पहले मम्मी ने चखा होगा तब रजा बेटा को दिया होगा ।
वैसे रूद्र को भी मैं प्याज खाने को देती हूँ लेकिन सोंधा पका कर :) मम्मी से कहना वैसे भी खिलायें बहुत स्वादिष्ट लगता है बच्चों को । वैसे ये अच्छी बात है , बच्चों को सारी सब्जियां खाने की आदत डालनी चाहिए , इसलिए आदि .....आपके मम्मी पापा को फुल मार्क्स :)
July 2, 2009 at 7:53 AM
प्याज खाने के बाद किसी से मु्ँह सटाकर बात मत करना बेटा...! नहीं तो बोलेगा- जा, ब्रश करके आ...।:)
July 2, 2009 at 9:06 AM
पोपाई खुश होगा। पालक भी खाया करो!
July 2, 2009 at 9:35 AM
प्याज जब मुर्गे में पड़ती है तो ज्यादा अच्छी लगती है शायद
July 2, 2009 at 9:45 AM
@ धीरु अंकल - र्मुगा??
हरी हरी!!!
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