मम्मी के साथ कुछ दिन पहले लखनऊ गया था.. होटल के कमरे में एक अलमारी रखी थी.. बिल्कुल मेरे साईज की.. छुपम छुपाई खेलने के लिये एकदम उपयुक्त.. तो फिर मौका भी था और साधन भी.. खेल शुरु..
पढ़ लिए बिटवा..हमको लगता है ..तुम्हरी शैतानी देख के ..तुम बड़े होकर ओफ्फिस की अलमारी में भी ऐसे ही छुपंछुपायी खेलोगे...बस आलमारी का साईज बड़ा होगा..और सब कुछ वैसा ही रहेगा..आँखों का भाव भी...स्नेहाशीष.
ranjan you need to be caeful when you let your child play such games . because you shoot pics the child is likely to belive that he can do this again also since i love adi its important to communicate this to you that if this act the child repeats inabsence of a adult it will harm the child
मजे लेते रहो प्यारे..पर यार तेरे अंदर एक बात खराब है..तू अकेले अकेले मजे लेता है और फ़िर हमे सुनाकर लजाता है..ठिक है बेटा आज हम भी चाकलेट खायेंगे और तेरे को नही देंगे.:) अब आयेगा ना मजा.
पता है आदि बेटा? बच्चों को मैं खूब प्यार करता हूं, मगर सभी बच्चे मुझसे डरते भी बहुत हैं.. उनके पापा मम्मी मुझसे डरा देते हैं.. अभी दीदी कि बिटिया से बात की तो बोल रही थी कि आप डांटोगे तो नहीं ना? :(
July 18, 2009 at 7:53 PM
पढ़ लिए बिटवा..हमको लगता है ..तुम्हरी शैतानी देख के ..तुम बड़े होकर ओफ्फिस की अलमारी में भी ऐसे ही छुपंछुपायी खेलोगे...बस आलमारी का साईज बड़ा होगा..और सब कुछ वैसा ही रहेगा..आँखों का भाव भी...स्नेहाशीष.
July 18, 2009 at 8:26 PM
आँखों में छुपा छुपी खेलने की मस्ती दिखाई दे रही है
July 18, 2009 at 8:49 PM
ranjan
you need to be caeful when you let your child play such games . because you shoot pics the child is likely to belive that he can do this again also
since i love adi its important to communicate this to you that if this act the child repeats inabsence of a adult it will harm the child
one moment of carlessless will cost us all
July 18, 2009 at 9:44 PM
aaditya luks very sweet..par rachna jee ne bilkul theel kaha hai....tc care...
July 18, 2009 at 11:15 PM
सुनहरा भविष्य
July 18, 2009 at 11:15 PM
ओय,कहॉं छुप गया आदि।
पापा की फाइल कहॉं निकाल फेंकी यार।
July 18, 2009 at 11:32 PM
aadi bahut achhe lag rahe ho,hame laga naa jaane ankhon ankhon mein kahi isharo wali baat tho nahi:):),
vaise hum rachana ji se 100 percent sehmat hai ranjan ji,kabhi galti se agar darwaza band ho jaye,please aisa kabhi na ho.
July 18, 2009 at 11:42 PM
आँखों में शरारत ,होंठों पर मुस्कान है ..आदि की यह लुकाछिपी डर से अनजान है ..बचपन होता है कितना भोला भाला ....यही तो इसकी पहचान है :)
July 18, 2009 at 11:43 PM
वाह आदि तेरी मौज-मस्ती... लगे रहो छोटे मियाँ!
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पढ़िए: सबसे दूर स्थित सुपरनोवा खोजा गया
July 19, 2009 at 12:00 AM
तो लखनऊ में खूब मज़े किये आपने ...
July 19, 2009 at 1:00 AM
बढ़िया, लगे रहो आदि।
July 19, 2009 at 2:05 AM
मजे लेते रहो प्यारे..पर यार तेरे अंदर एक बात खराब है..तू अकेले अकेले मजे लेता है और फ़िर हमे सुनाकर लजाता है..ठिक है बेटा आज हम भी चाकलेट खायेंगे और तेरे को नही देंगे.:) अब आयेगा ना मजा.
रामराम.
July 19, 2009 at 2:28 AM
मोहक चित्रावली.लखनऊ की भूलभलैया में छुप्पम छुपाई मत खेलना.वहां बड़े बड़े भी गुम जाते है.
मस्ती करते रहो.
July 19, 2009 at 3:14 AM
आँखों में क्या जी?
गज़ब का दंगल!!!
July 19, 2009 at 6:00 AM
यह खेलना तो अच्छा है, पर अकेले अकेले यह मत खेलना।
July 19, 2009 at 7:54 AM
अरे वाह । भैया आप तो बड़े मस्तीबाज़ हो ।
मैं छोटा हूं ना ।
इतनी मस्ती नहीं करता मैं अभी ।
July 19, 2009 at 8:10 AM
आंखों मे .. मस्ती ही मस्ती.. और क्या ?
July 19, 2009 at 8:43 AM
Looking smart Aditya.
Wishing u happy icecream day...aj dher sari icecream khayi ki nahin.
See my new Post on "Icecrem Day" at "Pakhi ki duniya" .
July 19, 2009 at 9:08 PM
छुप्पा-छुप्पी बहोत हुई.... अब सामने आ जाओ ना......
मस्त रहो... आबाद रहो.....
www.nayikalm.blogspot.com
July 20, 2009 at 1:15 AM
Sirf shararat, aur kuchh nahee.
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }
July 20, 2009 at 4:43 AM
इत्ती बदमाशी छूट रही है आदि...बहुत प्यारे लग रहे हो..लेकिन अकेले में मत बैठ जाना अल्मारी बंद करके. मम्मी को बता कर ही खेलना!
July 22, 2009 at 9:25 AM
पता है आदि बेटा? बच्चों को मैं खूब प्यार करता हूं, मगर सभी बच्चे मुझसे डरते भी बहुत हैं.. उनके पापा मम्मी मुझसे डरा देते हैं.. अभी दीदी कि बिटिया से बात की तो बोल रही थी कि आप डांटोगे तो नहीं ना? :(
July 22, 2009 at 10:09 AM
प्रशांत अंकल,
आप तो चिन्ता नहीं करो.. मेरे पास दिल्ली आ जाओ मैं आपसे बिल्कुल नहीं डरुंगा बल्कि खों खों कर डरा दूंगा.. आप डरना नहीं..
कब आ रहे हो?
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