नैनो के साथ मेरे लिये एक ट्रेन भी आई थी.. अंकल ने विशेष सिफारिश की भी पापा से.. उनका कहना था "आदि जुडे़ हुए डिब्बे और चलती ट्रेन देख बहुत खुश होगा.." एसी सिफारिश के बाद पापा को ट्रेन लानी ही थी..
छोटे छोटे डिब्बे चलते देख पहले तो मैं बहुत खुश हुआ.. फिर इच्छा हुई की उठा कर देखुँ..
तो इंजन तो साइड कर एक डिब्बा उठा लिया.. चलती ट्रेन से..
फिर खेल शुरु हो गया.. पापा ट्रेन चलाते और मैं डिब्बे उठाता...
और इस बार तो बड़ा हाथ मारा.. इंजन उठा लिया..
एसे ही खेल चल रहा था.. पर ’you know i want something more'
तो इसलिये हमने पटरी ही उखाड़ दी..
पटरी उखाड़ कर जी नहीं भरा.. तो उसकी माला बना डाली..
हा हा हा..
पसंद आई ये शरारत..
July 28, 2009 at 5:57 PM
ये पटरी उखाड़ना क्या गुजरों के आरक्षण आन्दोलन से सीख लिया क्या ?
July 28, 2009 at 6:14 PM
आगे से पटरी से मत खेलना कहीं ममतादी ने देख लिया तो बस... :)
July 28, 2009 at 7:27 PM
मन =मान
July 28, 2009 at 7:27 PM
पटरी उखाड़ोगे तो नेता मन जनता अपने आप माला पहना देगी..यही जमाना आया है बबुआ!
July 28, 2009 at 7:41 PM
अरे बाप रे । अब देखना ये है कि ज्ञान अंकल क्या कहते हैं रेलवे को नुकसान पहुंचाने वाले इस शैतान के बारे में
July 28, 2009 at 7:54 PM
महाबली बनते ही जा रहे हो.. बच के रहना पड़ेगा..
July 28, 2009 at 8:59 PM
भाई ये तो आतंकवादी बनने के लक्षण दिखाई देने लगे हैं?:)
रामराम.
July 28, 2009 at 9:36 PM
आदि बेटा!
अभी से नक्सलवाद की ट्रेनिंग ले रहे हो।
July 28, 2009 at 9:43 PM
अरे आदि बेटा.....हमको घूमने जाना है और आप ने पटरी उखाड़ दी...अब अपनी नेनो ही दे दो..उसमे बेठ कर चले जायेंगे.
July 28, 2009 at 10:04 PM
vaise aaj mujhe bahut sundar lag rahe ho karo shararaten aasheervaad
July 28, 2009 at 10:14 PM
अरे बाप रे! ट्रेन की पटरी ही उखाड़ दी?
ममता दी को आज ही बताता हूँ....:-)
July 28, 2009 at 10:54 PM
वाह बहादुर हो गए हो आदि जी आप ..इतना दम :) खूब लगे रहो ..
July 29, 2009 at 1:57 AM
bahut shakti hai aadi mein,train ki patri ukhd di),waah shaktiman.
July 29, 2009 at 2:25 AM
बहुत मस्ती करने लग गए हो भाई! तुम्हारी मेडम रामप्यारी से शिकायत लगानी पडेगी।
आभार/ मगल भावनाऐ
हे! प्रभु यह तेरापन्थ
मुम्बई-टाईगर
SELECTION & COLLECTION
July 29, 2009 at 3:23 AM
हमारी नौकरी पर ख्याल करो प्यारे! :)
July 29, 2009 at 9:03 AM
बेटा यह उखाड़ पछाड़ तो आगे बहुत काम आएगी
July 29, 2009 at 10:36 AM
ye KAAM to hamaara KHALII bhi na kar sake tha, AADI.
YOU ARE THE GREATEST TAHN KAHLII.
KEEP IT UP
July 29, 2009 at 9:17 PM
aadi bahi aap ke khel bhee nirale hai
August 17, 2009 at 3:23 AM
शाबास बबुवा.. अबकी एयरपोर्ट का पूरा रन वे ही उखाड़ लाना.. औअर अगर ऊपर वाले ने चाहा तो तुम ऐसे ही तरक्की करते हुये एक दिन लौंच पैड भी जरूर उखाड़ लाओगे नासा से.. :)
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