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एक बन्दर ट्रेन के अन्दर!!

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प्राप्त समाचारों के अनुसार 29 जुन को दिल्ली से लखनऊ जाने वाली गाड़ी संख्या 2234 नई दिल्ली लखनऊ ए सी एक्सप्रेस के कोच संख्या A2 में एक बन्दर घुस आया.. सुत्रों के अनुसार ये बन्दर अपनी मम्मी के साथ रात को नई दिल्ली से ही सवार हो गया था.. चुंकि ट्रेन काफी रात में (११.३०) दिल्ली से चलती है अतः दिल्ली में इसका पता नहीं चल पाया.. कोच में चढे़ पेसेन्जरों के अनुसार बन्दर उस समय सोया हुआ था.. वैसे कुछ लोगों का ये भी कहना है कि रात में बन्दर ने बिल्कुल परेशान नहीं किया. या कहे तो उनको पता ही नहीं चला कि ट्रेन में एक बन्दर भी सवार है.. पर असलियत खुली सुबह ८ बजे जब इस बन्दर ने कोच में सीटों पर लगे पर्दे हटाने आरम्भ किये और वहाँ सोये मुसाफिरों को खों खों कि आवाज कर जगाया.. एक एक कर इस बन्दर ने कई मुसाफिरों की नींद खराब की ... लेकिन मुसाफिर भी इस बन्दर की हरकत से बिल्कुल गुस्सा या नाराज नहीं हुए.. कुछ मुसाफिर तो सुबह सुबह ये हरकत देख बहुत खुश हो गये और बन्दर को प्यार से अपने पास बिठा लिया..

ट्रेन में सवार हमारे संवाददात आपके लिये उस बंदर की exclusive तस्विरे लाये है.. अगर आप इस बन्दर को जानते है तो तुरंत टिप्पणी कर हमें सुचित करें...
ये देखे कैसे ये बन्दर पर्दे में सोये लोगों को जगा रहा है... 

ये दुसरा शिकार..

ये क्या.. कोइ हाथ बन्दर को प्यार करने निकला है..
ये अगला शिकार..

ये बन्दर कि exclusive तस्विर केवल इस ब्लोग पर...

आखिर में बन्दर को पकड़ कर बिठा दिया गया..

पसंद है ये बन्दर..

24 comments:

Comments

बहुत शैतानी की इस प्‍यारे से बंदर ने .. पर अंत भला तो सब भला !!


kyaa aadi tum bhi india tv ki tarah khabar laatey ho


वाह वाह... ऐसा प्यारा बंदर तो सबको तंग करे.. तस्वीरें बहुत अच्छी लगीं..


एक बन्दर ट्रेन के अन्दर :) खूब मजे किये न छुक छुक गाडी में :)


ye bandar to bahut pyara hai.. :)


रंजू आंटी,
आपका कमेंट देख मैने पोस्ट का टाईटल बदल दिया..
thank you


रचना आंटी,
just for a change!! आज स्टाईल बदल दी..

आदि


वाह, वाह! कुछ साल पहले नागपुर के पास मुझे भी एक बन्दरिया मिली थी ट्रेन में। नाम पूछा तो बोली - लड्डूसिंह उल्लू की पठ्ठी!
शायद उसके पिताजी प्रेम से उसे यही बुलाते रहे हों। :)


बड़ा प्यारा बन्दर है. मैं भी शायद उस ट्रेन में रहता तो सुबह-सुबह बन्दर जी के दर्शन हो जाते.


हा हा हा!मैं तो सोच रही थी की सच में कोई बन्दर आया था!
ये तो अपना आदि है बन्दर थोड़े ही न है??
देखो कितना शांत घूम रहा है.
वैसे मज़ा आया छुक छुक गाडी में बैठ कर?


अरे वाह !! अपना सुन्दर बन्दर ट्रेन के अन्दर ...


अरे सब को धन्यवाद करना चाहिये इस बंदर का,इअतना प्यारा प्यारा बंदर थोडे हो सकता है, अरे यह तो हमारा पलटू है जी


Bandar hai ya mast kalandar, par hai bada majedar.

Is bar blog par meri nai photo dekhen.


भाई वाह !

हलूमान जी का नाम रोशन कर रहे हो !


ये बन्दर तो पहचाना सा प्यारा स लगता है भई..शायद आदि जानता होगा, उससे पूछना तो जरा. :)


अरे यह बन्दर सुबह -सुबह लोगों से सुप्रभात कर रहा है | क्या ये शिकार खुशकिस्मत नहीं ?


अरे..इस बन्दर की शक्ल तो आदि से मिलती है....खूब उछलो कूदो ..बढ़िया है ..


are .........ye bandar to aadi hai!
kitana pyara hai :)


बहुत अच्छा लगा! अभी तो उम्र है शैतानी करने की खूब शैतानी करो!


gazab post hai..
excellent..
maja aa gaya..
aadi bahut pyara lag raha hai..
bhua ke ssath is bandar ko bhi bhej dena..
hum samhal lenge..


is bandar ka tang karnaa bhi achha lagta hai !


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