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अंकल!! प्लीज इसे हटा लो!!

शाम में पापा के साथ खेलने जाता हूँ.. सोसाइटी में कुछ झुले, फिसलपट्टी लगें है.. अभी तक तो मुझे गोद में ही रखते थे लेकिन अब पापा मुझे नीचे जमीन पर छोड़ देते है और मैं आराम से खेलता हूँ.. वैसे तो मैं अपनी बॉल लेकर जाता हूँ, लेकिन वहाँ पहुँच कर मुझे अपनी बॉल अच्छी नहीं लगती..वो तो घर में हमेशा ही होती है खेलने के लिये.. जब मैदान में पहुँचे है तो कुछ नया करना चाहिये न?

मैं लपक लेता हूँ दूसरों कि बॉल की तरफ और उनसे बॉल देने की जिद्द भी करता हूँ.. और चुंकि मैं सबसे छोटा प्लेयर हूँ इसलिये कोई मना भी नहीं करता.. ;)






बॉल से खेलने के बाद मेरा अगला टारगेट होता है क्रिकेट का बैट और बॉल.. पहूँच गया पिच पर और विकेट पर खडे़ भय्या से ये बैट ले लिया..


और पोसिजन लेकर तैयार.. वैसे काफी भारी बैट था ये..

और जब पिच पर दौड़ लगाने लगा तो सभी बच्चे पापा से कहने लगे..."अंकल!! प्लीज इसे हटा लो... इसे चोट लग जायेगी.."

चोट की ज्यादा चिन्ता नहीं है अभी.. बस रेत में खेलने के मजे ले रहा हूँ..

कैसा लगा?




मुमेंट ऑफ द डे
मेरी बोली में एक शब्द नया जुड़ गया रविवार को.. और इस शब्द का पापा बहुत दिनों से इंतजार कर रहे थे... और वो है "पा पा" ... जी हाँ. मम्मी, मम्मई, चाचा, नाना, ओ हो.. के बाद ये एक और शब्द.. 
25 comments:

Comments

ha ha ha ha ha oye hero koi tension nahi laine kaa ok, khub khelne kaa yeeeeeeeee"

love ya


गोदी में रहने के बदले मिटटी में खूब खेलना. तभी माटी पूत कहलाओगे. इसमें बहुत फायदा है. बच्चे बीमार नहीं पड़ते. इम्मुनिटी अपने आप डेवेलोप हो जाती है. फोटो तो बड़े मजेदार है. प्यार


दिलेरी से खेलो..किसी से डरना मत..हमारी फोटो दिखा देना कि ताऊ को बुला लाऊँगा..लेकिन उनको भी खेलने देना..किसी का खेल क्यूँ बिगाड़ना. अप अपना खेल खेलो!!

पापा तो पा पा सुन कर फूले नहिं समा रहे होंगे..उनको बोलो..हमें मिठाई भेंजे!!


देखो आदित्य , कच्ची जमीन पर ही खेलो तो ज्यादा अच्छा होगा .

पक्के फ़र्श पर खेलने से दाँतो में चोट लगने का खतरा रहता है !


aadi sahi bole chot se kya darna,abhi tho khelne ke din hai ,khub khelo :):)


बडे बच्‍चों के खेल के बीच में मत जाया करो .. सचमुच चोट लग जाएगी।


बढ़िया है, समाज में जीने तैयारी अच्छी चल रही है.


अरे वाह आदि.. एक दिन में इतनी तरक्की..
खिलौने वाले बैट से असली बैट पर आ गए..


aaditya ko chhota sa bat le dejiye...lag jayega use...


are vaah beta , naya shabd bolne par papa to khush ho rahe honge :)papa mummy dono ko badhai ......haan bade bachon ke beech jara dhayan se :)


भाई अब सचिन तेंदुलकर बनना है. बिल्कुल.

रामराम.


ताऊ, रामप्यारी की क्लास में गेम्स भी सिखाओगे तो जरुर सचिन बनुंगा.. खों खों..


रामप्यारी के स्कूल मे स्पोर्ट्स के अलावा होर्स राईडिंग और पैरा ग्लाईडिंग जैसे खेल भी सिखाये जाते हैं. बस तुम्हारा एडमिशन होगया..अब चिंता मत करो..सब जिम्मेदारी स्कूल की है. बस अनुपस्थित मत रहना क्लास से.:)


बैट छोटा है तुम्हारा ...पापा से कहो बड़ा दिलवाये...अब तो कह सकते हो.


अब तो पापा पापा कहकर सारे काम करा लोगे मियाँ


vaah beta badon ko nachana khoob aataa hai tumhen lage raho aasheervaad


वाह, रन कितने बनाये प्यारे!


aadi bhayi kab se bado wali harkate suru kar di


खूब खेलो ! बिना चोट के डर से , छोटी मोटी छोट तो लगती रहती है उसकी क्या परवाह करनी और रेत में तो खूब लोट पोट करा करो |


बेटा अब हमें इंतजार है कि‍ तुम अंकल कह कर कब बुलाओगे।


आदि बेटा!
जब हम तुम्हारे घर आयेगे तो
तुम्हारे खेलने के लिए छोटा बैट
अवश्य लेकर आयेगे।


चलिए आज रंजन जी को पापा कह कर कृतार्थ कर ही दिया आदि ने .


अरे बच्चे रेत ओर मिट्टी मे जितना भी खेलो उतने ही मजबुत बनोगे, मुझे लगता है कि बेट थोडा बडा नही है, ओर बेटा तुम से भारी भी, लेकिन क्या करे पापा तुम्हे वोही चाहिये ना...
बहुत प्यार बेटा


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