बहुत बढिया बेटा..दादीजी के साथ छुपाछाई का आनंद ले रहे हो? लिये जाओ..दादी पोते..दोनों कितना मजा लेरहे हैं ना? बहुत शुभकामनाएं और आज नजर उतरवाना मत भूलना.
sabse pahale dadi ji ko pranaam aur aadi ko dher sara pyaar ..ab jaldi se dono ki najar utaro.....dono ko khelte dekh mera man bhi kar raha hai ki main rudra ko uski dadi ji ke paas le jaaoon ......... god bless the sweet family :)
कालेज में पढ़ाया जाता था कि तस्वीरे बोलती है । एक तस्वीर हजार शब्दो को बयां करती है । दादी के साथ आंख मिचौनी की ये तस्वीर सही सावित कर रही है । अलबत्ता बचपन की यादों को भी ताजा कर रही है शु्क्रिया
अबे पलटू दादी भी बहुत खुश है बेटा, देख तेरे साथ बच्चो की तरह से खेल रही है, चलो तुम्हे अपना नया दोस्त मिल गया बेटा बहुत भाग्यशाली हो जो तुम्हे दादी का प्यार मिल रहा है.
July 15, 2009 at 8:01 PM
अरे बेटा.. दादी से पूछना उसका दिल तो तर गया होगा ...कितनी भाग्यशाली है ..
July 15, 2009 at 8:01 PM
दादी के साथ खूब मस्ती कर रहे हो प्यारे.. हमने तो अपनी दादी को देखा तक नहीं.. फोटो भी नहीं है :(
July 15, 2009 at 8:17 PM
aare waah aadi baba,aaj ankhmicholi khele ho bahut khub ji:)ap aur dadiji muskurate bade cute lag rahe ho.
July 15, 2009 at 8:53 PM
ओये हीरो खूब मजे हो रहे हैं दादी के साथ हाँ??? बचपन भी क्या खूब होता है न???
love ya
July 15, 2009 at 11:17 PM
बहुत बढिया बेटा..दादीजी के साथ छुपाछाई का आनंद ले रहे हो? लिये जाओ..दादी पोते..दोनों कितना मजा लेरहे हैं ना? बहुत शुभकामनाएं और आज नजर उतरवाना मत भूलना.
रामराम.
July 15, 2009 at 11:19 PM
दादी के साथ खेलने में बहुत
आनन्द आ रहा है ना!
आदि तुम बहुत भाग्यशाली हो।
July 16, 2009 at 1:01 AM
hw sweet....really nice pics..
July 16, 2009 at 1:19 AM
आहा आज का यह खेल भी ख़ूब रहा
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गुलाबी कोंपलें · चाँद, बादल और शाम
July 16, 2009 at 2:10 AM
खूब मजे हो रहे हैं....
July 16, 2009 at 2:26 AM
sabse pahale dadi ji ko pranaam aur aadi ko dher sara pyaar ..ab jaldi se dono ki najar utaro.....dono ko khelte dekh mera man bhi kar raha hai ki main rudra ko uski dadi ji ke paas le jaaoon .........
god bless the sweet family :)
July 16, 2009 at 2:59 AM
सच में दादियों को समझ नहीं होती कि छिपे को ढूंढ़ लें! :)
July 16, 2009 at 4:43 AM
कालेज में पढ़ाया जाता था कि तस्वीरे बोलती है । एक तस्वीर हजार शब्दो को बयां करती है । दादी के साथ आंख मिचौनी की ये तस्वीर सही सावित कर रही है । अलबत्ता बचपन की यादों को भी ताजा कर रही है शु्क्रिया
July 16, 2009 at 6:21 AM
दादी के साथ खूब मस्ती कर रहे हो आदि !
July 16, 2009 at 10:10 AM
अबे पलटू दादी भी बहुत खुश है बेटा, देख तेरे साथ बच्चो की तरह से खेल रही है, चलो तुम्हे अपना नया दोस्त मिल गया बेटा बहुत भाग्यशाली हो जो तुम्हे दादी का प्यार मिल रहा है.
July 16, 2009 at 11:07 AM
bahut cute lag rahe ho beta..very sweet..
July 17, 2009 at 5:51 PM
dadi ke sath masti kya kahane
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