Home Blogger Templates Gallery Blogger News Edit Edit Edit

जल्दी करो भुट्टे का मौसम जाने वाला है...

भुट्टे का मौसम जल्द ही जाने वाला है.. मैने तो इसका स्वाद ले लिया आपने लिया क्या? भुट्टा दिलाया मम्मी ने और मैने भी बडे़ चाव से खाया.. 
कस के पकड़ कर भुट्टा कहीं भाग न जाये..

जरा दम लगाना पड़ता है.. मजबुत दांत चहिये.. थोड़ी ताकत भी.. दम लगाना पड़ता है..
और ये अदा!!

ये मुँह भुट्टा खाकर ही सफेद किया है.. क्या मेक‍अप है आदि..

और आपन अभी तक भुट्टा नहीं खाया तो आ जाइये आज शाम मेरे संग भुट्टा खाने!!

23 comments:

Comments

तो आज भुट्टे का स्वाद भी चख लिया !


ओए होए..कच्चा भुट्टा खा रहे हो क्या? पेट दुखेगा..मम्मी ने तो पक्का उबाल दिया होगा आदि के लिए..है न!!

लालच लग गई..अभी जाता हूँ बाजार लेने!!


oye aadi akele akele bhutta kha rahe hai aap,ek hame bhi chahiye:)


कनफ़्यूजन क्रियेट मत करो बच्चे अभी तो हमारी मक्का से पहला भुट्टा आया ही नहीं,

दिल्ली में न मिले तो पानीपत आ जाना !


वाह क्या बात है.....
लगे रहो आदि!
मुझे भी भुट्टे बहुत पसन्द हैं।


हमने तो अभी तक खाया ही नहीं... लगता है पानीपत से मंगवाना पड़ेगा...


खा रहे हो कि पूरे मूँह में पोत लिए हो..चलो, अब नहाओ...ऐसे खाते हैं क्या?? पापा को कहो कि दाने निकाल कर कटोरी मे दें..तो खेल भी सकोगे और खा भी सकोगे.. :)

अच्छा है गन्ना नहीं मिला..वरना तो अभी मख्खी भिनभिना रही होती तुम्हारी हरकतों से...हा हा!!


ओये हीरो अकेले अकेले हाँ.......मुझे भी तो खाना है न...

regards


aaj sae tumhara naan "khaau prasaad blog jagat waale "

Rachna


लगता है आना ही पड़ेगा


बहुत पसंद हैं मुझे .. ललचा दिया न !!


विवेक अंकल,

अपने खेत से भुट्टे आ इंतजार नहीं करो.. खरीद कर खा लो अभी.. जब उगे तो और खा लेना..

आदि


कुश अंकल..

पानिपत से... अरे अभी तो वहां भुट्टे लगे नहीं है.. आप भी बाजार से खरीद लो आज ही..


समीर अंकल,
आपने ठीक पहचाना भुट्टा तो कच्चा ही था.. क्या करता इंतजार नहीं कर पा रहा था.. और मम्मी से जिद कर कच्चा ही ले लिया... वैसे आज पापा सिका हुआ भुट्टा लाने वाले है...


अरे अरे । कच्‍चा भुट्टा । मैंने तो उस दिन बढिया नरम नरम भुट्टे खरीदे थे अपने मम्‍मी पापा के लिए । साथ में नींबू भी । मैं तो छोटा हूं ना अभी नहीं खा सकता । :D


खाए जाओ-खाए जाओ ,अभी तो जौनपुर के प्रसिद्द भुट्टे आये ही नहीं,कैसे कह दें कि मौसम चला गया.


कच्चा भुट्टा भी इतने मजे से खा रहे हो आदि ..पका हुआ खाओ जी जल्दी किस बात की है ..:)


barasat ka mausam aur भुट्टे का स्वाद muh me pani aa gaya bhai aadi


वह बिटवा दबा के खाओ..उबालो भूनो..और देर हो रही है तो ऐसे ही..लगे रहो..


थोड़ा भुट्टा भून के खाओ..
थोड़ा भुट्टा कच्चा ही खाओ..
थोड़ा भुट्टा चबा के खाओ..
थोड़ा भुट्टा उबाल के खाओ..
थोड़ा भुट्टा का आटा बना लो..
फिर उसकी रोटी बना कर खाओ..
लेकिन खाओ, बेटा खाओ.. :D


यार आदि तू ये रोज हमको खाने की चीजे दिखा दिखा कर ललचाता है और तेरे को मालूम है कि हम पर और समीर अंकल पर खाने पीने के मामले मे हाईकमान की पाबंदी है..सो भाई जरा छुप छुप के ही खा लिया कर.:)

रामराम.


वाह आदि भाई भुट्टे खा रहे हो ...वो भी अकेले अकेले ...
हमें भी दो न ....प्यार ...


Post a Comment

Aaditya (आदित्य)'s Fan Box

My Blog List


Labels