ये देखिये स्कोर कार्ड.. सबसे ऊपर उडन तश्तरी याने समीर अंकल.. और उनका स्कोर है २०१*
थेंक्यु समीर अंकल!!!
इस अवसर पर ताऊ (समीर अंकल) ने अपनी खास तस्वीर भेजी है.. और साथ में एक प्यारा सा खत भी... आप भी देखिए कितना प्यार से लिखा है उन्होने..प्रिय आदि, बहुत दिन हुए, तुमसे सीधे बात नहीं की. बस ब्लॉग पर टिप्पणी से ही बात हो पा रही है. अब तो तुम खूब जल्दी जल्दी बड़े हो रहे हो. रोज एक नया करिश्मा दिखाते हो. अच्छा भी लगता है कभी तुमको ज्यादा बदमाशी करता देखकर डर भी जाता हूँ, जैसे जब तुम अलमारी में बंद होने का खेल खेल रहे थे. मगर जब इतने समझदार मम्मी पापा हमेशा ख्याल रख रहे हैं तो डरना कैसा, यही सोच कर सहज हो जाता हूँ. मेरी बहुत इच्छा थी कि पिछली यात्रा के दौरान तुमसे मिलता और तुम्हें गोद में खिलाता. तुम्हारे साथ मैं भी बच्चा बन जाता. मगर हमेशा सोचा हुआ होता नहीं है.चलो, अगली बार सही, खेलेंगे जरुर तुम्हारे साथ. तुम्हें ब्लॉग पर लगातार देखने की अब तो ऐसी आदत सी हो गई है कि आदि एक दो दिन नहीं दिखता तो लगने लगता है कि क्या हुआ आदि को? कहीं कुछ तबीयत तो खराब नहीं? फिर तुम दिख जाते हो और मैं खुश हो जाता हूँ. तुमको मालूम है तुम्हारी दादी याने मेरी माँ, जब थीं तो दो तीन मेरा फोन न जाये तो यही सोच कर परेशान हो जाती थी, रोती थी. फिर मैं फोन कर देता था तो खुश हो जाती थी. मैं हँसा करता था. तुम भी हँसते होगे कि कैसे ताऊ हैं बार बार लिखने को कहते हैं, खेलने ही नहीं देते. और आज जब मैं भारत लगाने के लिए फोन उठाता हूँ तो एक बार को तुरंत तुम्हारी दादी की याद आ जाती है, आँख भर आती है. अब सोचता हूँ, काश!! जब तक थी तब मैं रोज फोन करता उसे. मैं तुमसे रोज तो नहीं मगर जल्दी जल्दी लिखने को तो कह ही सकता हूँ. जब बड़े हो जाओगे तब चिट्ठी लिखने को कहूँगा (अरे हाँ, ईमेल वाली ही :)) बहुत बदमाशी मत करना. मम्मी पापा का ख्याल रखते जाना और खूब प्यार से खेलना. दादी अभी है कि गईं जोधपुर. उनको मेरा चरण स्पर्श कहना. ढ़ेरों आशीष के साथ तुम्हारा फैन समीर अंकल (उड़न तश्तरी अंकल :)) नोट: पापा को मेरी पुरानी तस्वीर चाहिये थी. मिलती ही नहीं. सब भारत में रखी है तो अभी की ताऊ ताई की भेज रहा हूँ. जब थोड़ा बड़े हो जाओ तो पापा के समय की एक फिल्म देखना : कभी खुशी कभी गम...और उसमें रायचन्द याने अमिताभ का घर. इस तस्वीर में पीछे वही है. अपने दोस्तों को बताना तब कि मेरे ताऊ भी अमिताभ से कम नहीं!! हा हा!! |
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July 21, 2009 at 6:13 PM
समीर अंकल है ही ब्लॉग के डॉन ब्रेडमेन
July 21, 2009 at 7:11 PM
सिर्फ तुमसे ही नहीं .. समय निकालकर समीर अंकल सबसे मिल लेते हैं ।
July 21, 2009 at 7:41 PM
aarre waah aadi ke liye pyara sa khat sameer uncle ka,bahut sunder,aap hai hi bahut pyare aadi baba.
July 21, 2009 at 7:56 PM
बधाई!
July 21, 2009 at 8:09 PM
आदि बधाई हो!
समीर लाल जी बच्चों को बहुत प्यार करते है।
July 21, 2009 at 8:26 PM
अरे वाह । पांच पांच शतकवीर । और सबसे ऊपर लिटिल मास्टर । मजेदार है आदित्य भैया ।
July 21, 2009 at 9:10 PM
badhiya hai.....sameer uncle se pyaar milta rahe aur ham log bhi yu hi tumhari baate padhte rahe.....
July 21, 2009 at 9:50 PM
aadi kae tau ji zindabaad aur aadii double zindabaad
July 21, 2009 at 10:29 PM
समीर जी को बहुत बधाई,
वैसे बच्चे पर घर की धौंस जमाना कोई अच्छी बात तो नहीं . बच्चों के लिए ऐसी बातें कोई मायने नहीं रखतीं :)
July 21, 2009 at 10:47 PM
वाह, अब पता चला कि ताऊ कौन है! :)
July 22, 2009 at 2:48 AM
बधाई हो!
July 22, 2009 at 3:46 AM
SAmeer ji hi aisa kar sakte the.
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }
July 22, 2009 at 4:40 AM
वाह आदि !तुमने तो स्कोर कार्ड बनाना सीख लिया..सब रामप्यारी के पढाने का नतीजा है..गणित कितनी जल्दी सीख रहे हो..
और समीर अंकल तो हैं ही ब्लॉग जगत के महाताऊ!उनका रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ सकता.
ऐसे ही सब का प्यार तुम्हें मिलता रहे..शुभाशीष .
July 22, 2009 at 7:10 AM
दोस्त हमारी भी बधाई ले लो। समीर अंकल हैं ही ऐसे।
July 22, 2009 at 7:43 AM
समीर जी सदैव ही टिप्पणीकारी का कीर्तिमान बनाते रहे हैं । टिप्पणीकारी का सार्वभौम पुरुष कहना ही बेहतर है । आदित्य, आश्चर्य मत करो इन आँकड़ों से - अभी कई कीर्तिमान बनेगे यहाँ । जादुई अंकल हैं तुम्हारे- उड़ कर हर जगह पहुँच जाते हैं ।
July 22, 2009 at 7:46 AM
आदि भाई, ऐसा करो कि इन दो सौ संदेशों का एक आर्काइव बनाओ और हमें भी दिखाओ । बहुत से राज खुलेंगे तब । समीर अंकल की मजेदार टिप्पणियाँ इकट्ठी देखने का सुख अलग ही होगा ।
July 22, 2009 at 8:21 AM
आदि बधाई हो...
July 22, 2009 at 9:22 AM
आखिर पता चल ही गया कि ताऊ कौन है.. :D
July 22, 2009 at 9:42 AM
सही ही.... समीर सर है ही ब्लॉगवुड के अमिताभ बच्चन :)
July 22, 2009 at 9:44 AM
... बहुत खूब !!!
July 22, 2009 at 10:24 AM
अपना स्कोर कार्ड देख कर मन प्रसन्न हो गया, आदि सर!! :)
July 22, 2009 at 7:43 PM
अरे यार समीर जी का तो स्कोर कार्ड सबके ब्लॉग पर टॉप ही मिलेगा..यही तो उनकी खासियत है.. टिपण्णी के मामले में वे कोई भेदभाव नहीं करते..
July 23, 2009 at 1:24 AM
nayi nayi car aayi hai....
wah bhai wah..
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