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स्कोर कार्ड - समीर अंकल : 201*

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समीर अंकल से मैं कभी नहीं मिला, पर वो हर रोज मुझसे मिलते है... और बहुत प्यार करते है.. पहली बार समीर अंकल 28 जुलाई के मिले थे..और इतना लगभग एक साल से हम हर रोज मिलते है.. वो रोज मेरे लिये प्यारे प्यारे संदेश छोड़ जाते है.. और देखते देखते ही ये संख्या 200 के पार पहुँच गई..

ये देखिये स्कोर कार्ड.. सबसे ऊपर उडन तश्तरी याने समीर अंकल.. और उनका स्कोर है २०१*


थेंक्यु समीर अंकल!!!
इस अवसर पर ताऊ (समीर अंकल) ने अपनी खास तस्वीर भेजी है.. और साथ में एक प्यारा सा खत भी... आप भी देखिए कितना प्यार से लिखा है उन्होने..

प्रिय आदि,

बहुत दिन हुए, तुमसे सीधे बात नहीं की. बस ब्लॉग पर टिप्पणी से ही बात हो पा रही है. 

अब तो तुम खूब जल्दी जल्दी बड़े हो रहे हो. रोज एक नया करिश्मा दिखाते हो. अच्छा भी लगता है कभी तुमको ज्यादा बदमाशी करता देखकर डर भी जाता हूँ, जैसे जब तुम अलमारी में बंद होने का खेल खेल रहे थे. मगर जब इतने समझदार मम्मी पापा हमेशा ख्याल रख रहे हैं तो डरना कैसा, यही सोच कर सहज हो जाता हूँ.

मेरी बहुत इच्छा थी कि पिछली यात्रा के दौरान तुमसे मिलता और तुम्हें गोद में खिलाता. तुम्हारे साथ मैं भी बच्चा बन जाता. मगर हमेशा सोचा हुआ होता नहीं है.चलो, अगली बार सही, खेलेंगे जरुर तुम्हारे साथ.
तुम्हें ब्लॉग पर लगातार देखने की अब तो ऐसी आदत सी हो गई है कि आदि एक दो दिन नहीं दिखता तो लगने लगता है कि क्या हुआ आदि को? कहीं कुछ तबीयत तो खराब नहीं? फिर तुम दिख जाते हो और मैं खुश हो जाता हूँ. तुमको मालूम है तुम्हारी दादी याने मेरी माँ, जब थीं तो दो तीन मेरा फोन न जाये तो यही सोच कर परेशान हो जाती थी, रोती थी. फिर मैं फोन कर देता था तो खुश हो जाती थी. मैं हँसा करता था. तुम भी हँसते होगे कि कैसे ताऊ हैं बार बार लिखने को कहते हैं, खेलने ही नहीं देते. और आज जब मैं भारत लगाने के लिए फोन उठाता हूँ तो एक बार को तुरंत तुम्हारी दादी की याद आ जाती है, आँख भर आती है. अब सोचता हूँ, काश!! जब तक थी तब मैं रोज फोन करता उसे.

मैं तुमसे रोज तो नहीं मगर जल्दी जल्दी लिखने को तो कह ही सकता हूँ. जब बड़े हो जाओगे तब चिट्ठी लिखने को कहूँगा (अरे हाँ, ईमेल वाली ही :))

बहुत बदमाशी मत करना. मम्मी पापा का ख्याल रखते जाना और खूब प्यार से खेलना. दादी अभी है कि गईं जोधपुर. उनको मेरा चरण स्पर्श कहना.

ढ़ेरों आशीष के साथ
तुम्हारा फैन
समीर अंकल (उड़न तश्तरी अंकल :))

नोट: पापा को मेरी पुरानी तस्वीर चाहिये थी. मिलती ही नहीं. सब भारत में रखी है तो अभी की ताऊ ताई की भेज रहा हूँ. जब थोड़ा बड़े हो जाओ तो पापा के समय की एक फिल्म देखना : कभी खुशी कभी गम...और उसमें रायचन्द याने अमिताभ का घर. इस तस्वीर में पीछे वही है. अपने दोस्तों को बताना तब कि मेरे ताऊ भी अमिताभ से कम नहीं!! हा हा!!



और साथ मे बोलू मोलू खुशाल की तस्वीर भी भेज रहा हूँ. वो भी कह रही हैं कि आदि के साथ खेलना है. :)
पसंद आया !!!



23 comments:

Comments

समीर अंकल है ही ब्लॉग के डॉन ब्रेडमेन


सिर्फ तुमसे ही नहीं .. समय निकालकर समीर अंकल सबसे मिल लेते हैं ।


aarre waah aadi ke liye pyara sa khat sameer uncle ka,bahut sunder,aap hai hi bahut pyare aadi baba.


आदि बधाई हो!
समीर लाल जी बच्चों को बहुत प्यार करते है।


अरे वाह । पांच पांच शतकवीर । और सबसे ऊपर लिटिल मास्‍टर । मजेदार है आदित्‍य भैया ।


badhiya hai.....sameer uncle se pyaar milta rahe aur ham log bhi yu hi tumhari baate padhte rahe.....


aadi kae tau ji zindabaad aur aadii double zindabaad


समीर जी को बहुत बधाई,

वैसे बच्चे पर घर की धौंस जमाना कोई अच्छी बात तो नहीं . बच्चों के लिए ऐसी बातें कोई मायने नहीं रखतीं :)


वाह, अब पता चला कि ताऊ कौन है! :)


वाह आदि !तुमने तो स्कोर कार्ड बनाना सीख लिया..सब रामप्यारी के पढाने का नतीजा है..गणित कितनी जल्दी सीख रहे हो..
और समीर अंकल तो हैं ही ब्लॉग जगत के महाताऊ!उनका रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ सकता.
ऐसे ही सब का प्यार तुम्हें मिलता रहे..शुभाशीष .


दोस्त हमारी भी बधाई ले लो। समीर अंकल हैं ही ऐसे।


समीर जी सदैव ही टिप्पणीकारी का कीर्तिमान बनाते रहे हैं । टिप्पणीकारी का सार्वभौम पुरुष कहना ही बेहतर है । आदित्य, आश्चर्य मत करो इन आँकड़ों से - अभी कई कीर्तिमान बनेगे यहाँ । जादुई अंकल हैं तुम्हारे- उड़ कर हर जगह पहुँच जाते हैं ।


आदि भाई, ऐसा करो कि इन दो सौ संदेशों का एक आर्काइव बनाओ और हमें भी दिखाओ । बहुत से राज खुलेंगे तब । समीर अंकल की मजेदार टिप्पणियाँ इकट्ठी देखने का सुख अलग ही होगा ।


आखिर पता चल ही गया कि ताऊ कौन है.. :D


सही ही.... समीर सर है ही ब्लॉगवुड के अमिताभ बच्चन :)


अपना स्कोर कार्ड देख कर मन प्रसन्न हो गया, आदि सर!! :)


अरे यार समीर जी का तो स्कोर कार्ड सबके ब्लॉग पर टॉप ही मिलेगा..यही तो उनकी खासियत है.. टिपण्णी के मामले में वे कोई भेदभाव नहीं करते..


nayi nayi car aayi hai....
wah bhai wah..


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