शरारत ऑफ द डे कुर्सी और सोफा पर चढ़ना मेरा शगल है.. पर वैसे नहीं जैसे आप सभी चढ़ते है.. ओह सॉरी आपको थोड़ी चढ़ना पड़ता होगा.. आपको पता है मैं कैसे चढ़ता हूँ.. कुर्सी का हत्था पकड़ कर उसके साईड सपोर्ट पर दोनों पाँव रख दिये.. अब चढ़ तो गया.. पर न तो और ऊपर जा सकता था न ही नीचे.. कहां फस गया.. और कोई तरीका नहीं सुझा तो ब्रह्मास्त्र चला दिया.. उसके बाद तो सुरक्षित लैंड करवा लिया गया.. आदि बच्चु एसी शरारत करते हो कहीं गिर गये तो? |
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आदित्य डिसीज़न आऊट!!!
पापा ने मुझे आऊट करना सिखाया है.. देखो एसे देतें है आऊट..
June 23, 2009 at 3:23 AM
देखना भाई मुझे आऊट मत करना यार. अब तो तू रेफ़री बन गया है तो ताऊ बिना शतक पूरी करे थोडॆ ही आऊट होगा?:)
रामराम.
June 23, 2009 at 3:38 AM
कल क्रिकेट खेल रहे थे .. आज ही रेफरी बन गए।
June 23, 2009 at 4:23 AM
आदि भाई आज कल रेफरी बन गये है, क्रिकेट का कल्याण हो जायेगा ।
June 23, 2009 at 4:28 AM
वाह आदि आज तो बडे समार्ट लग रहे हो बहुत बहुत आशीर्वाद्
June 23, 2009 at 4:40 AM
बड़ी धांसू कमीज निकाले हो भई...किसने खरीदी? मजेदार है..सबको आऊट दे दो फिर हम बैटिंग करेंगे.
June 23, 2009 at 4:51 AM
आदि तुम्हारी अदाये मन को लुभा जातीं हैं।
अरे.........
समीर लाल और ताऊ को आउट मत दे देना।
ये तो ब्लॉगिंग के ओपनर महारथी हैं भइया।
June 23, 2009 at 4:53 AM
अबे पलटू भाई आज तो बहुत सुंदर लग रहे हो, कमीज पहन कर, बाल बना कर.... अरे कोई लडकी का चक्कर वक्कर तो नही, जो आते ही हमे आऊट कर रहे हो यार, पुरानी यारी है भई... दोस्तो के संग दंगा नही...
बहुत सा प्यार बेटे
June 23, 2009 at 6:53 AM
हम स्पैलिंग भी बता दें - OWT आउट! :)
(बाद में शायद तुम्हारे पापा सही करें - वे ज्यादा बुद्धिमान हैं न!)
June 23, 2009 at 9:04 AM
lage raho abhi to bahut ishaare sikhne hai yah wale bhi voh wale bhi
June 23, 2009 at 10:05 AM
रेफरी के रोल में पुरे जम रहे हो आदि !
June 23, 2009 at 7:02 PM
आदि थोडा benefit of doubt का फायदा हमें भी देते रहना.
ईमानदार अम्पायर्स की बड़ी ज़रुरत है.
June 24, 2009 at 4:18 AM
बेटे को नज़र न लगे ...ये आउट वाला फोटो बहुत ही प्यारा है...
love ya
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