इंजिनियरिंग करते करते एक खिलौना शहिद कर दिया.. अब वो बजता नहीं तो गुस्सा आता था.. आखिर पापा ने सेल लगा कर उसे टेप से चिपाका दिया.. और वो फिर से आ गया मेरे पास.. मेरे पास आते ही पहली फरमाईश थी टेप हटाने की.. पापा मम्मी ने बहलाया फुसलाया.. ध्यान बटाया पर मेरा एक मात्र उद्देश्य उस टेप को हटाना ही था.. आखिर में मम्मी ने टेप हटा कर खिलौना मेरे हवाले कर दिया.. फिर क्या था कलाकारी शुरु.. उसके सेल बाहर निकाल कर लगाने की भरपुर कोशिश... आप स्वंय ही देख लिजिये..
ये कवर पापा ने टेप से लगाया... हट यहां से...
बहुत ध्यान से लगाना पड़ता है सेल..
ये देखो फिसल कर गिर भी सकता है..
बहुत फिसलता है.. बड़ी मुश्किल से पकड़ में आता है..
ध्यान से देखो.. एक तो लगा भी दिया..अब दुसरा..
मम्मी मेरी मदद कर दो.. और देखते हुए मैं भी सीख ही जाऊंगा..
ये देखो फिर से चलने लग गया..
लेकिन अब मैं खुद ही ठीक करुगां..
जरा पंसद तो बताओ?
और भी कई दिलचस्प फोटो है.. देखिये इस फोटो शो में
June 30, 2009 at 11:53 PM
वाह भाई वाह
July 1, 2009 at 12:27 AM
आदि भाई अब इंजिनियर बनने के सपने देखो
July 1, 2009 at 12:38 AM
लगे रहिये आप इंजिनियर जरुर बन जायेंगे...
July 1, 2009 at 12:52 AM
वाह यार आदि. हम तो बीस साल बाद की तस्वीर आज ही देख रहे हैं? शायद बीस साल बाद तू ऐसा ही ईंजीनियर बनेगा. बहुत आशीष और प्यार.
रामराम.
July 1, 2009 at 1:36 AM
ताऊ ने मेरे मुंह की बात छीन ली.
July 1, 2009 at 2:55 AM
अरे वाह आदि तु तो पक्का इंजिनियर बन गया यार
July 1, 2009 at 3:11 AM
are!........ mera beta to bahut sayana hone laga . najar na lage aise hi khelte khelte bade ho jao :)
July 1, 2009 at 4:10 AM
जिस हिसाब से जुटे हो मुझे तो लगता है कि इन्जिनियर नहीं डॉक्टर बनोगे-क्योंकि खिलौना अंतिम सांसे लेता नजर आ रहा है मुझको..हा हा!! मस्त रहो-खूब खेलो!!
July 1, 2009 at 4:44 AM
ghar ke pehle eng ka sabse chote eng ko all d best...
July 1, 2009 at 5:27 AM
अरे वाह,आदि तो इंजिनियर बन गया |
July 1, 2009 at 6:50 AM
हमारा तो पांच का हो गया लेकिन अब भी इन्जिन्यरी करता है ....रिमोट के सेल बच जाते है आदि से ?
July 1, 2009 at 7:00 AM
@ डॉ अनुराग -
अभी पता नहीं चला साहेब को कि रिमोट में सेल होते है... बचा है.. पर पता नहीं कब तक..
July 1, 2009 at 7:29 AM
आजकल तो तगडी इंजीनियरिंग चल रही है !
July 1, 2009 at 5:35 PM
इंजीनियर बनने की शुरूआत हो चुकी है।
बधाई।
July 3, 2009 at 8:23 AM
नमस्ते इन्जीनियर साहब। अब उपकरणों की खैर नहीं!
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