खेलने के लिये नई चीजें चाहिये.. पहुँच गया कम्प्युटर टेबल पर...वहाँ तो तारों का पूरा झाल था..
मुझे तो ये पसंद आया..कैमरे का कवर.. कैमरा नहीं था तो कोई रोकने वाला भी नहीं..
और लगे हाथों ये तार भी उठा लिया.. कभी काम आयेगा..
अब मैं मस्त. ओर क्या चाहिये... मेरे लिये तो ये ही बहुत.. थोड़ी देर के लिये.. खोलो बन्द करो... और एसे ही टाईम पास करो...
आज इतना ही.. फिर मिलते है...
शरारत ऑफ द डे आज शरारत ऑफ द डे पर मेहरबानी |
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June 29, 2009 at 1:12 AM
achcha laga..
badhyi ho
June 29, 2009 at 2:09 AM
पलटू अब पुराना नाम हो गया, आज से आदि तेरा नया नाम खोजी.
तो खोजी भाई जरा इन तारो से बच के, वेसे मियां बेठे हुये तुम बहुत सुंदर लग रहे हो.
प्यार
June 29, 2009 at 3:06 AM
आदि बेटा।
अभी से इंजीनियर बनने की शुरूआत कर दी है।
आशीर्वाद।
June 29, 2009 at 3:14 AM
अरे आदि भाई, कैमरा ढूंढ कर निकालना था ना... फिर हमारी एक धांसू फोटू खीच लेते.
June 29, 2009 at 3:20 AM
चलो लगता है कि वो फोटो ग्राफर बनेगा अभी से हाथ तो उस पर ही मारा है।
June 29, 2009 at 4:22 AM
भई चलो आज फोटोग्राफी कर लो
June 29, 2009 at 5:06 AM
चल बेटा आज मम्मी के घर आते ही नजर उतरवा लेना. वो क्या कहते हैं..आज तू बडा हैंडसम लग रहा है...
रामराम.
June 29, 2009 at 5:16 AM
पापा से कहो, अब नया खिलौना लेकर दें..बोर हो रहे हैं आदि बाबू!!
June 29, 2009 at 9:03 AM
बहुत इम्प्रेसिव हो भाई!
June 29, 2009 at 9:35 AM
कैमरा भी ले आओ यार.. हमेशा पापा ही तुम्हारी फोटो लेते है कभी तुम भी पापा की फोटोस लो और लगाओ अपने ब्लॉग पर..
June 29, 2009 at 1:05 PM
क्या बात है आदि??कोई देख नहीं रहा तो कहाँ कहाँ पहुँच जाते हो??
June 29, 2009 at 6:57 PM
आदि कैमरे के कवर से खेलने तक तो ठीक है लेकिन कैमरे से मत खेलने लग जाना वरना हम तुम्हारी फोटो देखने से वंचित हो जायेंगे |
June 29, 2009 at 7:16 PM
सिर्फ कवर से ही खेलना कैमरे से नहीं |
June 29, 2009 at 9:45 PM
कवर से पंगा ठीक है कैमरे से मत लेना फिर इतने क्यूट आदि की फोटो कैसे देखेंगे जी हम :)
June 29, 2009 at 9:52 PM
"saras baal leela."
(on facebook)
June 29, 2009 at 10:50 PM
रंजन अंकल, आज मैंने आदि के कुछ वीडियोज देखे .....
बड़ा मजा आया | फोटो में आदि बहुत क्यूट लग रहा है ....
June 30, 2009 at 1:07 AM
..अभी से कैमरे से मुहब्बत ....
June 30, 2009 at 1:41 AM
आदित्य थारी धमाचोकडी म्हाने घणी मन मोहित करे है आप जिसों महे भी खेलतो हो कदी पण अब बे दिन नी रेया
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