फलों का राजा आम तो फलों की रानी लीची... आम तो खुब खा लिया अब बारी थी लीची की... पिछले शुक्रवार को मम्मी ने ऑफिस से आकर लीची मेरे हवाले कर दी, रसीली लीची का स्वाद कैसे लिया देखिये इन चित्रों में... एक और बात लिची इतनी अच्छी लगी की बीज भी खा गया...:)
क्यों आ गया न मुहँ में पानी... खाओ आप भी लीची खाओ!!!
विशेष ७ दिनों के बाद आज शाम मम्मी वापस दिल्ली आने वाली है... और मैं मम्मी को लेने एयरपोर्ट जाने वाला हूँ... हुर्रे!!! |
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June 5, 2009 at 10:23 PM
tतो फिर बेता कुछ लीची मम्मी के लिये भी रख लो ना? मै भी आ रही हूँ लीची खाने बहुत बहुत आशीर्वाद्
June 5, 2009 at 11:11 PM
अच्छी मॊज़ हॆ बेटा, फल खाओ ऒर मस्त रहो... જલસા કર છોરા
June 6, 2009 at 12:28 AM
mmm mmm muh me paani aa gaya beta lekin dhayaan se papa ko kaho guthali nikaal kar leeche khane ko de nahin to pet me leechi ka ped ug jayega :)dher ara pyaar
June 6, 2009 at 12:57 AM
ओर बदमाश हमे ललचा रहा है, अरे हमारे यहां भी मिलती है यह लिची, लेकिन वो भारत वाला स्वाद नही, खा ले बेटा खुब खाओ, ओर हां तुम्हारी आंटी पास बेठी कह रही है तुम्हारे ममी पापा को कि ध्यान रखे इस की गुठली काफ़ी मोटी होती है, जब भी आदि लिची खाये तो पास बेठे चल बेटाअब चलते है
प्यार ओर प्यार
June 6, 2009 at 2:19 AM
बहुत बढिया आदि..मस्त करो और मौज करो.:)
रामराम.
June 6, 2009 at 2:19 AM
बहुत बढिया आदि..मस्त करो और मौज करो.:)
रामराम.
June 6, 2009 at 2:19 AM
बहुत बढिया आदि..मस्त करो और मौज करो.:)
रामराम.
June 6, 2009 at 5:56 AM
कल खाया था आम,
आज लीची को खाते हो।
लीची दिखा-दिखा कर भैया!
क्यों सबको ललचाते हो।
June 6, 2009 at 5:58 AM
एक तो अकेले अकेले खाते हो और दूसरा खा खा कर दिखाते हो...हमारा भी दिल करता है खाने को...कब दोगे?
नीरज
June 6, 2009 at 6:03 AM
और लीची के स्वाद में इतना मशगूल हो गये कि आज की शरारत ऑफ द डे पोस्ट करना भी भूल गये!!
अब सजा भुगतो, कल दो शरारत करना और क्या क्या शरारत की हमें बताना।
ठीक है ना?
June 6, 2009 at 6:59 AM
खूब फल खाओ और स्वास्थ्यवर्धन करो !
June 6, 2009 at 7:28 AM
लीची तो हमें भी चाहिए . दोगे
June 6, 2009 at 8:55 AM
ओए, हमें भी खाना है!! :(
June 7, 2009 at 1:19 AM
यह लीची तुम्हें पापा ने दी होगी..है न??हा हा हा---पता है मुझे --उसमें बीज भी दिख रहा है....:)..
देखो लीची से हमेशा बीज और उस के ऊपर का काला सा सख्त छिलका निकलवा कर ही सिर्फ सफ़ेद हिस्सा खाया करो..मम्मी को लेने जा रहे हो--प्लेन देख कर आना..और बताना
June 7, 2009 at 9:35 AM
अरे वाह! लीची तो हमें भी प्रिय है और अब हमारे सारे अमरीकी सहकर्मी भी लीची के मुरीद हो गए हैं.
खाए जाओ! Enjoy!
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