दम लगायेगें!!
जोर लगायेगें!!
अलमारी हिला देगें हम!!
अलमारी खोलने में बहुत मजा आता है.... .. दिलचस्पी अलमारी में रखी चीजों में नहीं है, मजा अलमारी खोलने की प्रक्रिया में है.. डेढ मिनिट का ये विडियो आपको चहरे के कई भाव स्पष्ट रुप से दिखायेगा... जैसे अलमारी न खुलने पर गुस्सा, अप्रसन्नता, रोष और मदद की पुकार करना... अलमारी खुलने पर प्रसन्नता जाहिर करना, और अलमारी खोलने के लिये नई तरकिबें लगाना... देखिये और बताइये कैसा लगा आपको ये विडियो...
May 20, 2009 at 6:14 PM
हमें तो मजा आ रहा है आदि की शरारत में..आपकी आप जानो कि कैसे मैनेज करोगे. :)
बहुत सही बेटा...रो रो कर तो मनवा ही लोगे अपनी बात!!
May 20, 2009 at 6:42 PM
देखा आदि..खडे होने के फ़ायदे? अभी तो आगे आगे और कितनी ही उत्सुकताएं जागेंगी. लगा रह..हम भी तेरे मजे ले रहे हैं.:)
रामराम.
May 20, 2009 at 6:56 PM
बहुत बढ़िया ! ऐसे ही जोर और तरकीब लगाते रहो कामयाबी जरुर मिलेगी !
May 20, 2009 at 7:25 PM
लगे रहो प्यारे! कभी देश की जड़ता भी हिलाओगे!
May 20, 2009 at 10:58 PM
ऐसे ही हिलाने की प्रैक्टिस करो .. और बडे होकर ज्ञानदत्त पांडेय जी की बात को याद रखना .. शुभकामनाएं।
May 20, 2009 at 11:52 PM
यह बात भूलना मत बेटे..
मानव जब जोड़ लगाता है,
पत्थर पानी बन जाता है..
May 21, 2009 at 1:22 AM
वीर तुम बढे चलो....धीर तुम बढे चलो......
May 21, 2009 at 2:06 AM
आदि की बातो से आपने जो अपना ब्लॉग सजाया है वो सहरानीय है . भाई हमको तो मजा आ गया . फर्क इतना है की आप आदि की बातो से हमको कुछ सन्देश देना चाहते हो और मैं अपनी बातो को गुफ्तगू के माध्यम से पेश करता हूँ . आपका भी स्वागत है . www.gooftgu.blogspot.com
May 21, 2009 at 6:53 AM
keep it up.....
May 21, 2009 at 7:17 PM
"mission impossible" successfully made possible:)
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