अब बताओ मैं इस चेयर का क्या करता हूँ.. कहते तो इसे डाईनिंग टेबल है पर मेरे लिये ये एक और काम करती है.. देखो इस पर फोन लगा कर इसे में अपनी ऑफिस भी बना लेता हूँ.. देखो सभी एक फोन की दुरी पर है..
मुझे तो बैठने का मजा आया ही पर मम्मी को काफी आराम हो गया इससे.. सीट बेल्ट लगा कर बैठा देती है और टेबल पर खिलौने रख देती है.. मैं खेलता रहता हूँ और मम्मी खाना खिला देती है.. मेरे पीछे पीछे नहीं भागना पड़ता अब मम्मी को.. ये कुर्सी मुझसे ज्यादा मम्मी को पसंद आई है..
मेरा क्या है, मुझे तो बस चने दे दो.. मैं तो उसी से खेल सकता हूँ...
अरे चेयर का बताते हुए एक और गिफ्ट भी तो आपने देख लिया.. फोन.. जो मेरी टेबल पर रखा है.. ये परी दीदी लाई है...ये हेलो बोलता है और भी कई बातें करता है...
थेंक्यु टीम नेल्सन!!
थेंक्यु अनिका मासी!!
थेंक्यु परी दीदी!!
आपको कैसे लगे मेरे गिफ्ट और ये पोस्ट?
(सभी चित्र 5 से 8 मई के हैं)
May 25, 2009 at 7:08 PM
मम्मी से कहो कि मुझे भी मासी से कह कर ऐसी चेयर दिलवा दें..मैं उस पर लैपटॉप रख लूँगा और तेरी ताई मुझे बांध कर बाजार घूमेगी खुश खुश!!
May 25, 2009 at 9:45 PM
अरे वाह अभी से ही ऑफिस... ! वेरी गुड..
गिफ्ट तो सब के सब मजेदार है
May 25, 2009 at 9:56 PM
अभी से कुर्सी मिल गयी...अफसर बन गए आप तो जनाब...वाह.
नीरज
May 25, 2009 at 10:09 PM
कुर्सी के चक्कर में मत पड़ना छोटूमल...
हां, चने जैसी चीज़ों में भी खेल ढूंढ लेने वाली सिफ़त ताउम्र बनाए रखना:)
May 25, 2009 at 10:37 PM
भाई आदि तू कहां आफ़िस के चक्कर मे पड गया? तू तो खेल लिया कर इनसे.. आफ़िस वाफ़िस की जरुरत नही है, बडा होकर ताऊ की क्लास मे आ जाना. तेरे को लठ्ठ चलाना सिखा देगा..फ़िर सारे के सारे आफ़िस तेरे..चिंता क्युं करता है अभी से आफ़िस की यार? ताऊ बैठा है ना अभी.
रामराम.
May 26, 2009 at 12:04 AM
बेटूलाल कि ऐश हो रही है.. :)
May 26, 2009 at 12:37 AM
वाह! गुडमॉर्निंग सर!
May 26, 2009 at 2:03 AM
पलटू बाबा क्या हाल है बेटा? अरे मै रोज तुम्हारी शरार पढता हूं, अब बेटा चलता फ़िरा आंफ़िस मिल गया है, खुब दोडो इधर उधर ओर ममी पापा के पांव बचा कर...
बहुत बहुत प्यार
May 26, 2009 at 6:47 AM
अदि बाबा....आज आपको कुर्सी मिलने पर मुबारक देते जाएँ वैसे आपके प्यारे प्यारे कारनामे यूट्यूब पर देख कर मोहित होते रहते हैं.. :)
May 26, 2009 at 7:25 AM
[img]http://www.smileyxtra.co.uk/images/smxtra.png[/img]
जियो मेरे छोटू !!!
May 26, 2009 at 8:34 AM
क्या हुकुम मेरे आका . तुम तो साहिब बन गया
May 26, 2009 at 8:51 AM
साहब की कुर्सी मुबारक़ हो!
May 26, 2009 at 9:47 AM
बहुत बढ़िया है ! अरे भई एक ब्लोगर के लिए ऑफिस व उसमे मेज कुर्सी तो होनी ही चाहिए ! और अपना आदि तो रोज पोस्ट ठेलने वाला व्यस्त ब्लोगर जो ठहरा !
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