Home Blogger Templates Gallery Blogger News Edit Edit Edit

मेरी पहली किताब

Labels: ,
जन्मदिन पर मिले तोहफों की कड़ी में आज बारी है किताब की...  राजीव अंकल एरोप्लेन के साथ एक किताब भी लाये थे.. एरोप्लेन तो अभी नहीं मिला पर किताब पढने के खुब मजे ले रहा हूँ.....
.

शाम को पापा ऑफिस से आते है तो मैं अपनी पढाई शुरु कर देता हूँ.. किताब के पन्ने पलटना, उसमें रंग बिरंगे चित्र देखना मुझे खुब भाता है.. और तो और उसमे कुछ  कार्ड भी है... कार्ड बाहर निकाल उनसे खेलना भी पसंद है..






किताब पर लिखा है कि इससे मैं हाथों और आंखो का सामजस्य सिखुंगा...



और एसा नहीं कि ये एक बार ही पढी़ है...  ये देखिये दुसरे-तीसरे दिन के चित्र भी...









अभी कार्ड पहचाना और जगह पर लगाना नहीं आया है पन्ने अच्छे से बदल लेता हूँ..




और कुछ नहीं तो ये किताब १०-१५ मिनिट तो मुझे एक जगह बैठा सकती है, उससे ज्यादा नहीं.. इतनी पढाई बहुत है न मेरे लिये?

थेंक्यु रा्जीव अंकल!!
15 comments:

Comments

बहुत शाबास आदि..अब तो पढाई भी शुरु करदी. बधाई पहली किताब पढने के लिये.

रामराम.


किताब सबसे अच्छा दोस्त होती है!
----------------------
किताब से दोस्ती करोगे,
तो अपने आपको
कभी अकेला नहीं पाओगे!
-------------------
तुम्हारी ये तस्वीरें देखकर
तो यही लग रहा है कि
बहुत बड़े पढ़ाकू निकलोगे!
-----------------------


vah beta abhi se itani padhai ye to badi achhi bat hai badhai


अभी से १५ मिनट पढ़ाई-मेरिट में आओगे पक्का!! शाबास!!


Dear Adi,

Keep it up. I am very happy to see that you are using my gifted book. Books are one's best friends. One who keeps company of books never gets bored in life.

Luv,

Rajeev Uncle


शाबाश ! बहुत अच्छे ! लगे रहो !


देखो प्यारे धीरे धीरे पढ़ाई नामक चीज में फंसाया जा रहा है। बच के रहना!


आप तो जबर्दस्त पढ़ाकू हो गए। किताब देने वाले अंकल बहुत समझदार हैं। आपको सबसे अच्छाd दोस्त दे दिया।
घुघूती बासूती


अमां खां तुम तो अबी से पढ़ाकू लग रिये हो :)


वाह भाई ...गिफ्ट तो बहुत सही है
सीखो सीखो

मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति


gyaan ji ne theek khaa hai jab tak ho isse bachke rahna


अभी से किताबें....नहीं नहीं...अभी तो खेलो खाओ...बड़े हो कर किताबें ही तो पढ़नी है...वैसे पढ़ते तुम बहुत ध्यान से हो...जीवन में बहुत आगे जाओगे इसमें कोई शक नहीं...
नीरज


बुरी आदत है इसे बदल डालो....


चलो बेटू लाल कि दोस्ती किताब से तो हो गई.. :)


Post a Comment

Aaditya (आदित्य)'s Fan Box

My Blog List


Labels