क्या मजा आता है आदि इसमें?
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शरारत
बिजली के स्विच छेडने में पता नहीं कौनसा सुख मिलता है आदि तुझे? मौका मिलते ही दौड़ पडता है टी वी के केबल की और... प्लग लगा होता है तो निकालने की कोशिश करता है, कोशिश ही क्या दम लगा कर निकाल ही देता है और फिर से लगाने कि कोशिश करता है... प्लग लगा तो नहीं सकता है पर उसे अच्छे से पता है कि प्लग लगाते कैसे है.... बार बार हटाने पर भी पहुँच जाते है महाशय उसी जगह पर... आदि बाबु क्या मजा है है इसमें?

May 21, 2009 at 6:30 PM
बच्चे को तस्वीर में देखा हुआ अवाक।
आज के बच्चे हो गए पहले से चालाक।।
सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com
May 21, 2009 at 7:07 PM
आदि , बिजली के उपकरणों से खेलना अच्छा नहीं है ये कभी भी करंट का झटका दे सकते है इनसे फ़िलहाल दूर रहना ही अच्छा है !
May 21, 2009 at 8:31 PM
संभालो भई..सब लोवर प्लगस पर सेलो टेप लगाओ, फोन उपर टांगो..घर अस्त व्यस्त कर दो मगर उसे खेलने दो!!
ये आदि के पापा मम्मी के लिए संदेश है...
आदि के लिए..तूफान मचा डालो!! हालाकान कर दो सबको..याद रहे आदि का बचपन!!
May 21, 2009 at 9:45 PM
आदि छी: गंदी बात, बेटा कभी मजाक मजाक मे अंगुली भी घुसा सकते हो? मम्मी पापा को बोलो इससे तुमको बचा कर रखें. ठीक है ना.
रामराम.
May 21, 2009 at 10:21 PM
समीर लाल जी वाली टिपण्णी को हमारी भी टिपण्णी समझा जाये..
May 22, 2009 at 3:44 AM
ये गलत काम है बेटा...इस से तुमको नुक्सान हो सकता है....आप तो अच्छे बच्चे हो न फिर प्लग से क्यूँ खेल रहे हो...आदि के पापा आप घर में जितनी जल्दी हो एम् सी बी लगवा लें...सुरक्षा जरूरी है...
नीरज
May 22, 2009 at 4:07 AM
अरे बाबा रे !यह क्या गजब कर रहे हो आदि जी ..बच के रहो इनसे ...आज आपकी सारी पीछे रह गयी हुई पोस्ट देखी..सबसे क्यूट आप मुझे किताब देखते हुए लगे :)
May 22, 2009 at 9:18 AM
बहुत खतरनाक खेल है ये .. गलत बात।
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