बहुत दिनों तक गायब रहा.... गायब कहीं नहीं हुआ चाचा की शादी में गया था.. कल सुबह ही दिल्ली वापस आया हूँ.. और अब सारी बातें क्रम से आपको बताने वाला हूँ..
तय कार्यक्रम के अनुसार १० अप्रेल कि शाम को हम मण्डोर एक्सप्रेस से जोधपुर के लिये रवाना हो गये.. शादी में जाना था तो ढेर सामान ले जाना तो हमारा परम कर्तव्य था और हमने वो निभाया भी.. पिंकु चाचा भी उस दिन फ्री थे तो स्टेशन छोड़ने की जिम्मेदारी उन्होने ही निभाई.. हाँ खास बात ये कि इस बार मैं अपनी सीट साथ लेकर नहीं गया..अब वो मेरे लिये छोटी होने लगी है न!
3AC में हमारा रिजर्वेशन था, हमारी सीटें भी अलग अलग जगह थी.. खैर थोड़ा जुगाड बैठा हमको "साईड लोअर और मिडल" सीट मिल गई.. सीट मिलना ही कुछ नहीं होता उस पर बैठना/सोना भी होता है.. थोड़ी देर में पापा मम्मी को समझ आ गया की ये सीटें कुछ काम की नहीं है.. न इस पर बैठा जा सकता है और न ही उस पर कोई मुझे लेकर सो सकता है..
तय हुआ की पापा मुझे लेकर नीचे की बर्थ पर सोयेगे और मम्मी मिडल बर्थ पर... लेकिन मुझे ये जगह कम पसंद आई और मेरा हंगामा शुरु हो गया.. मुझे मम्मी की गोद में ही बैठना था.. तो क्या मिडल बर्थ फिर से पैक हूई और बैठने की जगह बनाई गई.. मुझे सुला कर मम्मी फिर से मिडल बर्थ पर गई और धीरे से बोली "ये लालु बहुत गंदा है!"
मुझे नहीं पता पर सोने से पहले मैने बर्थ पर लाईट और एसी चैक किया वो तो ठीक से काम कर रहे थे..
(चाचा की शादी बहुत अच्छी रही, इंतजार कीजिये एक एक कर सारी बातें बताता हूँ)



April 20, 2009 at 8:40 PM
शीर्षक देख कर लगा की आदित्य राजनीति में आ गया है. पूरा पढ़ने पर समझ में आया. ऐसा कहते हैं की केरल में बच्चे पैदा ही लाल झंडा लेकर होते हैं!
April 20, 2009 at 9:01 PM
ओये हीरो वापस आ गये............चलो अब जल्दी से सारी सारी बाते बताओ हाँ.....बहुत इन्तजार कराया हाँ...
love ya
April 20, 2009 at 9:17 PM
welcome back...we r waiting for ur talkies...
April 20, 2009 at 9:21 PM
वाह यार पल्टू, तूने तो अभी से जान लिया कि लालॊ बहुत गंदा है. क्या पारखी नजर है तेरी अभी से?
अब शादी के किस्से और फ़ोटो दिखा यार.
रामराम.
April 20, 2009 at 10:07 PM
वाह, कुछ लोग लालू को बहुत पसन्द करते हैं!
वैसे असल तो १६ मई को पता चलेगा! :)
April 20, 2009 at 10:27 PM
haare waah chacha k ishaadi mein bahut maze kiye honge:)intazaar rahega:)
April 20, 2009 at 11:13 PM
वेलकम बैक..शादी से जाकर आए हो.. हमारे लिए कुछ लड्डू वड्डू लाए कि नहीं..
April 20, 2009 at 11:39 PM
शादी के लड्डू जल्दी खिलाओ :)और किस्से जल्दी से सुनाओ ..वैसे मिस किया हमने आपको ..
April 21, 2009 at 1:29 AM
भैयये हम भी तीन सीट लेते है पर दो ही खोलते है.....हमारे आर्यन बाबू रात में सोते है ओर हम जागते है....
April 21, 2009 at 2:41 AM
wah beta..
AC bhi check karna sikh gaye..
sahi hai.. :)
April 21, 2009 at 3:39 AM
बेटा हमें भी लगा कि 'उनकी' वजह से रास्ता-वास्ता जाम हो गया होगा इसीलिए तुम नाराज़ हो गए. ये तो पढ़कर पता चला कि तुम नाराज़ उन्ही से हो लेकिन रेलगाड़ी की सीट की वजह से....:-)
शादी की बातें जल्दी बताओ. हम इंतजार कर रहे हैं.
April 21, 2009 at 5:47 AM
अच्छा ओये पल्टू, आ गया वापस? कई दिनों से शांति सी छाई हुई थी, अब फिर आसमान सिर पर उठा लेगा. है ना?
April 21, 2009 at 6:18 AM
beta lalu kuch jyada hi ganda hai
April 21, 2009 at 6:30 AM
देखा इस लालू को ! बच्चे को भी परेशान कर दिया !
April 21, 2009 at 8:40 AM
बेटे, लालू अंकल को गंदा नहीं कहते, कल को प्रधान मंत्री बन गये, तो???
अब लड्डू खिलाओ और कहानी सुनाओ शादी की.
April 21, 2009 at 9:17 AM
आदि भाई, ये समस्या तो हमें भी आयी थी. और हमने तो फीडबैक भी दे दिया था लालू जी को.
April 21, 2009 at 11:17 AM
hey aadi...
missing u soooo much...
will try to come on ur b'day..
April 21, 2009 at 12:52 PM
शादी के लड्डू कितने खाए और कितने लाये
April 23, 2009 at 3:51 AM
चाचा की शादी में क्या क्या मस्ती की ...जरुर बताना..
May 9, 2009 at 3:49 AM
क्या कहें आदि की बातें सुनने के बाद तो अब आदि से मिलने का ही मन करता है।
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