इतने महिने सोते हुऐ और बैठे हुऐ गुजार दिये... अब जाकर खडे़ होना सीखा है.. और जब खडे़ होना सीख लिया तो बैठना काहे को.. और अब तो मेरी पहुँच ऊपर तक हो गई है.. देखिये ये विडियो.. (अवधि - १.१२ मिनिट)
कितनी बढ़ गई है न मेरी पहुँच!!
बनोगे मेरे दोस्त? बस यहाँ क्लिक करें..
March 7, 2009 at 6:49 PM
vah vah aadi bhai ab mama ki shamat aayee samjho apni pahunch ka istemaal jara sambhal kar karna bahut bahut ashirvaad
March 7, 2009 at 7:22 PM
चोकलेट से पेट नहीं भरता! अब तो फ़ोन भी करने लगोगे. आशीर्वाद.
March 7, 2009 at 7:50 PM
अरे यार पल्टू मैं तो हैडिंग देख कर चौंक ही गया था कि भई ये पल्टू की इतनी ऊंची पहुंच इतनी जल्दी कैसे हो गई? पर अब समझ मे आगया,:)
लगा रह . जल्दी २ ब चलना शुरु करदे.
रामराम.
March 7, 2009 at 10:55 PM
अपनी उंची पहुंच के जरिए ... मेरा भी कुछ काम करवा दो न ।
March 7, 2009 at 11:05 PM
संगीता आंटी, दो टोफी ्मिली थी, एक आपको दे सकता हूँ... और क्या काम होते है?
March 7, 2009 at 11:40 PM
अरे यार पल्टू मै तो समझ रहा था कि कहीं तू अशोक गहलोत से मिल आया !
March 7, 2009 at 11:55 PM
aare waah badi upar tak pahunch hai aadi babaki,tofi ke liye papa se hamari bhi sifarish kar de aap:)bahut achhe lag rahe hai aadi aap video mein.
March 8, 2009 at 4:51 AM
पलटू यार, मेने तो सोचा था कही सोनिया ओर मनमोहन जी आप से मिलने आ गये...:) लेकिन बेटा तेरी पहुचं तो उस से भी ऊपर निकली, अब ममी पापा को बोलना मेज पोश, ओर जहा तक तेरी पहुच हॊ वहा तक कोई लडकने वाला कपडा ना हो, वरना सारा समान तो गिरे गा, लेकिन कही राजा बेटा को कोई चोट ना लग जाये, ओर यह टुटु वाला संगीत भी बहुत अच्छा लगा.
प्यार ओर प्यार
March 8, 2009 at 4:31 PM
पहुँच तो बहुत उपर तक बना ली है. फोन नहीं चख कर देखा??
मजा आ जाता है तुमको बदमाशी करते देख कर-आखिर कम्प्यूटर पर देखते है न!!! असल तो मम्मी से पूछो. :)
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